जानें आपकी थाली में क्या है

ज्वार का आटा

कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी

359
कैलोरीkcal प्रति 100 g
प्रोटीन8.4 g
कार्ब्स70 g
वसा3.3 g

पोषण संबंधी जानकारी

प्रति 100 g% दैनिक मान
  • कैलोरी 359 kcal —
  • प्रोटीन 8.4 g 17%
  • कार्बोहाइड्रेट 70 g 25%
  • वसा 3.3 g 4%
  • संतृप्त वसा 0.5 g 3%
  • फ़ाइबर 6.6 g 24%
  • शर्करा 1.9 g —
  • सोडियम 3 mg 0%
  • कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%

विटामिन और खनिज

प्रति 100 g% दैनिक मान

विटामिन

  • विटामिन A 0 µg 0%
  • विटामिन C 0.8 mg 1%
  • विटामिन D 0 µg 0%
  • विटामिन E 0.5 mg 3%
  • विटामिन K 6.4 µg 5%
  • थायमिन (B1) 0.33 mg 27%
  • राइबोफ़्लेविन (B2) 0.06 mg 5%
  • नायसिन (B3) 4.5 mg 28%
  • पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.54 mg 11%
  • विटामिन B6 0.33 mg 19%
  • फ़ोलेट (B9) 25 µg 6%
  • विटामिन B12 0 µg 0%

खनिज

  • कैल्शियम 12 mg 1%
  • आयरन 3.1 mg 17%
  • मैग्नीशियम 123 mg 29%
  • फ़ॉस्फ़ोरस 278 mg 22%
  • पोटैशियम 324 mg 7%
  • ज़िंक 1.6 mg 15%
  • कॉपर 0.25 mg 28%
  • मैंगनीज़ 1.3 mg 55%
  • सेलेनियम 12.2 µg 22%

परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी

परोसने की मात्रावज़नकैलोरीप्रोटीनकार्ब्सवसा
100 g100 g3598.4 g70 g3.3 g
50 g50 g1804.2 g35 g1.7 g
150 g150 g53913 g105 g5 g
200 g200 g71817 g140 g6.7 g
250 g250 g89821 g175 g8.4 g

ज्वार का आटा के बारे में सवाल

ज्वार के आटे की रोटी बिना टूटे कैसे बनाएं?

आटे में थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालकर नरम, चिकना आटा गूँधें और उसे ढककर कुछ मिनट रखें। लोई को दो प्लास्टिक शीटों के बीच हाथ से थपथपाकर पतला करें; गरम तवे पर दोनों तरफ़ सेंकें और चाहें तो आख़िर में सीधी आँच पर फुलाएँ।

ज्वार के आटे से भाकरी कैसे सेंकें?

गुनगुने पानी से नरम आटा गूँधकर लोई को हाथ से थपथपाते हुए मोटी भाकरी बनाएँ। गरम तवे पर मध्यम आँच में दोनों तरफ़ अच्छी तरह सेंकें; किनारे सूखने लगें तो थोड़ा पानी लगाकर पलटें, इससे भाकरी नरम रहती है।

क्या ज्वार का आटा गेहूँ के आटे की जगह केक या ब्रेड में इस्तेमाल कर सकते हैं?

इसे सीधे बराबर मात्रा में बदलने पर बेक की हुई चीज़ें भुरभुरी हो सकती हैं, क्योंकि ज्वार का आटा गेहूँ जैसा लोचदार जाल नहीं बनाता। केक या ब्रेड में इसे चावल या आलू के स्टार्च वाले आटे के साथ मिलाएँ और नमी बाँधने के लिए अंडा या कोई उपयुक्त बाइंडर रखें।

ज्वार के आटे को कैसे रखें ताकि उसमें गंध या कीड़े न लगें?

आटे को सूखे, साफ़, हवा-बंद डिब्बे में रखें और नमी, धूप तथा चूल्हे की भाप से दूर रखें। गर्म या नम मौसम में इसे फ्रिज में रखना बेहतर है; निकालते समय सूखा चम्मच इस्तेमाल करें।

ज्वार के आटे से कौन-से पारंपरिक पकवान बनते हैं?

इससे ज्वार की रोटी और भाकरी बनती है, जिन्हें दाल, सब्ज़ी, लहसुन की चटनी या दही के साथ खाया जाता है। पतला घोल बनाकर चीला भी बना सकते हैं; मसाले और कटी सब्ज़ियाँ मिलाने पर वह जल्दी पकता है।

ज्वार के आटे की जगह बाजरे का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं?

रोटी या भाकरी में बाजरे का आटा लिया जा सकता है, लेकिन उसका स्वाद अधिक मिट्टी जैसा और बनावट अलग होगी; दोनों आटे का मिश्रण भी अच्छा रहता है। दिए गए आँकड़ों में बाजरे के आटे में प्रति 100 ग्राम 382 kcal हैं, जबकि ज्वार के आटे में 359 kcal हैं।

ज्वार के आटे में कौन-से पोषक तत्व खास तौर पर उल्लेखनीय हैं?

इसमें फाइबर 6.6 g और मैंगनीज़ 1.3 mg प्रति 100 g हैं; मैंगनीज़ के दैनिक मूल्य का 30% से अधिक होने के कारण इसे मैंगनीज़ का अच्छा स्रोत कहा जा सकता है।

स्रोत: Canadian Nutrient File 6190 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर