पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 83 kcal —
- प्रोटीन 0.4 g 1%
- कार्बोहाइड्रेट 3.8 g 1%
- वसा 0 g 0%
- संतृप्त वसा 0 g 0%
- फ़ाइबर 0 g 0%
- शर्करा 3.8 g —
- सोडियम 5 mg 0%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 0 µg 0%
- विटामिन C 0 mg 0%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 0 mg 0%
- विटामिन K 0 µg 0%
- थायमिन (B1) 0.02 mg 2%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.02 mg 1%
- नायसिन (B3) 0.09 mg 1%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.15 mg 3%
- विटामिन B6 0.04 mg 2%
- फ़ोलेट (B9) 1 µg 0%
- विटामिन B12 0.01 µg 0%
- कोलीन 0 mg 0%
खनिज
- कैल्शियम 10 mg 1%
- आयरन 0.2 mg 1%
- मैग्नीशियम 10 mg 2%
- फ़ॉस्फ़ोरस 18 mg 1%
- पोटैशियम 59 mg 1%
- ज़िंक 0.11 mg 1%
- कॉपर 0.01 mg 1%
- मैंगनीज़ 0.13 mg 6%
- सेलेनियम 0.2 µg 0%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 83 | 0.4 g | 3.8 g | 0 g |
| 1 मात्रा | 30.3 g | 25 | 0.1 g | 1.2 g | 0 g |
| 2 मात्राएँ | 60.6 g | 50 | 0.2 g | 2.3 g | 0 g |
| ½ मात्रा | 15.2 g | 13 | 0.1 g | 0.6 g | 0 g |
| 3 मात्राएँ | 90.9 g | 75 | 0.3 g | 3.5 g | 0 g |
| 4 मात्राएँ | 121.2 g | 101 | 0.4 g | 4.6 g | 0 g |
| 50 g | 50 g | 42 | 0.2 g | 1.9 g | 0 g |
| 150 g | 150 g | 125 | 0.5 g | 5.7 g | 0 g |
| 200 g | 200 g | 166 | 0.7 g | 7.6 g | 0 g |
| 250 g | 250 g | 208 | 0.9 g | 9.5 g | 0 g |
रोज़े वाइन के बारे में सवाल
रोज़े वाइन किस तापमान पर परोसें?
इसे अच्छी तरह ठंडा, लगभग 8–12 °C पर परोसें। बोतल को परोसने से पहले कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखें; बहुत ठंडी वाइन की खुशबू और स्वाद दब सकते हैं।
रोज़े वाइन को खोलने के बाद कैसे रखें?
बची हुई वाइन को ढक्कन या कॉर्क से बंद करके फ्रिज में रखें और कुछ दिनों के भीतर पी लें। परोसने से पहले इसे थोड़ी देर बाहर रखें, ताकि इसका स्वाद बहुत ठंडा न लगे।
रोज़े वाइन किन खाने की चीज़ों के साथ अच्छी लगती है?
ठंडी रोज़े वाइन सलाद, ग्रिल की हुई मछली, झींगे, हल्के मसालेदार खाने और चीज़ के साथ अच्छी लगती है। सूखी रोज़े वाइन नमकीन स्नैक्स और टमाटर वाले पास्ता के साथ भी परोस सकते हैं।
रोज़े वाइन बनती कैसे है?
अक्सर लाल अंगूरों के छिलकों को रस के साथ थोड़े समय तक रखकर गुलाबी रंग लिया जाता है; फिर छिलके अलग कर दिए जाते हैं। रोज़े वाइन आम तौर पर लाल और सफ़ेद वाइन मिलाकर नहीं बनती।
सूखी और मीठी रोज़े वाइन में क्या फ़र्क है?
सूखी रोज़े वाइन में मिठास कम महसूस होती है और वह खाने के साथ आसानी से जाती है; मीठी रोज़े वाइन फल जैसी और अधिक मीठी लगती है। बोतल पर ‘ड्राय’ या ‘मीठी’ लिखा हो तो चुनाव आसान हो जाता है।
रोज़े वाइन और रोज़े स्पार्कलिंग वाइन में क्या अंतर है?
रोज़े स्पार्कलिंग वाइन में बुलबुले होते हैं, जबकि साधारण रोज़े वाइन आम तौर पर बिना बुलबुलों की होती है। रोज़े कावा एक स्पार्कलिंग विकल्प है।
क्या रोज़े वाइन से खाना पकाया जा सकता है?
हाँ, थोड़ी रोज़े वाइन से मछली, झींगे या हल्की टमाटर वाली सॉस में स्वाद जोड़ा जा सकता है। इसे पैन में डालकर कुछ मिनट उबालें, ताकि शराब की तीखी भाप कम हो और सॉस में स्वाद रहे।
खुली हुई रोज़े वाइन को दोबारा परोसने से पहले क्या करें?
बोतल को बंद करके फ्रिज में रखें और अगली बार परोसने से पहले ठंडक जाँचें। वाइन की गंध सिरके जैसी या स्वाद बासी लगे, तो उसे न परोसें।
स्रोत: USDA FoodData Central 171908 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर