पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 316 kcal —
- प्रोटीन 13 g 27%
- कार्बोहाइड्रेट 29 g 10%
- वसा 21 g 27%
- संतृप्त वसा 4.2 g 21%
- फ़ाइबर 21 g 75%
- शर्करा 0.9 g —
- सोडियम 5 mg 0%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 0 µg 0%
- विटामिन C 0 mg 0%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 4.9 mg 33%
- विटामिन K 1.9 µg 2%
- थायमिन (B1) 2.8 mg 229%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.28 mg 22%
- नायसिन (B3) 34 mg 212%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 7.4 mg 148%
- विटामिन B6 4.1 mg 239%
- फ़ोलेट (B9) 63 µg 16%
- विटामिन B12 0 µg 0%
- कोलीन 32.2 mg 6%
खनिज
- कैल्शियम 57 mg 4%
- आयरन 18.5 mg 103%
- मैग्नीशियम 781 mg 186%
- फ़ॉस्फ़ोरस 1677 mg 134%
- पोटैशियम 1485 mg 32%
- ज़िंक 6 mg 55%
- कॉपर 0.73 mg 81%
- मैंगनीज़ 14.2 mg 618%
- सेलेनियम 15.6 µg 28%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 316 | 13 g | 29 g | 21 g |
| 1 मात्रा | 118 g | 373 | 16 g | 34 g | 25 g |
| 2 मात्राएँ | 236 g | 746 | 32 g | 68 g | 49 g |
| ½ मात्रा | 59 g | 186 | 7.9 g | 17 g | 12 g |
| 3 मात्राएँ | 354 g | 1119 | 47 g | 102 g | 74 g |
| 4 मात्राएँ | 472 g | 1492 | 63 g | 135 g | 98 g |
| 50 g | 50 g | 158 | 6.7 g | 14 g | 10 g |
| 150 g | 150 g | 474 | 20 g | 43 g | 31 g |
| 200 g | 200 g | 632 | 27 g | 57 g | 42 g |
| 250 g | 250 g | 790 | 33 g | 72 g | 52 g |
चावल की भूसी के बारे में सवाल
चावल की भूसी क्या होती है?
चावल की भूसी धान की मिलिंग में चावल के दाने की बाहरी परतों से निकलती है। यह चावल के चोकर के तेल से अलग चीज़ है—तेल इसी भूसी से निकाला जाता है।
आटे या दलिया में चावल की भूसी कैसे मिलाएँ?
पहले थोड़ी भूसी को सूखे पैन में धीमी आँच पर हल्की खुशबू आने तक भूनें, फिर आटे में मिलाकर रोटी बनाएँ या पकते दलिया में डालें। इसकी जगह पूरा आटा न रखें; ज़्यादा डालने पर रोटी भारी और टूटने वाली हो सकती है।
चावल की भूसी को लंबे समय तक ताज़ा कैसे रखें?
इसे हवा-बंद डिब्बे में, गर्मी और रोशनी से दूर रखें; भूसी का तेल जल्दी बिगड़ सकता है। अगर कुछ ही दिनों में इस्तेमाल नहीं करनी, तो डिब्बे को फ्रिज या फ़्रीज़र में रखें और इस्तेमाल से पहले गंध जाँचें—बासी या पेंट जैसी गंध हो तो फेंक दें।
क्या चावल की भूसी कच्ची खाई जा सकती है?
सिर्फ़ खाने के लिए बेची गई, साफ़ और खाद्य-योग्य भूसी इस्तेमाल करें; पशु-चारे वाली भूसी नहीं। इसे हल्का भूनकर या पकते दलिया, सूप और आटे में मिलाना बेहतर रहता है।
चावल की भूसी और गेहूँ के चोकर में क्या अंतर है?
गेहूँ के चोकर में प्रति 100 ग्राम 42.8 ग्राम रेशा होता है, जबकि चावल की भूसी में 21 ग्राम; चावल की भूसी में वसा भी अधिक होती है। इसलिए गेहूँ का चोकर आम तौर पर ज़्यादा रेशेदार, जबकि चावल की भूसी ज़्यादा तेलदार होती है।
क्या चावल की भूसी को गेहूँ के चोकर या जई के चोकर की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं?
आटे या दलिया में थोड़ी मात्रा मिलाने के लिए कर सकते हैं, लेकिन दोनों की जगह बराबर मात्रा न रखें: चावल की भूसी अधिक तेलदार होती है और जई का चोकर अलग बनावट देता है। शुरुआत में छोटी मात्रा मिलाएँ और तरल थोड़ा बढ़ाएँ।
चावल की भूसी में कौन-से पोषक तत्व खास तौर पर मिलते हैं?
यह रेशे का स्रोत है और इसमें आयरन, मैग्नीशियम तथा विटामिन बी1 भी होते हैं। उदाहरण के लिए, 100 ग्राम में 18.5 mg आयरन और 2.8 mg विटामिन बी1 होता है।
स्रोत: USDA FoodData Central 169713 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर