जानें आपकी थाली में क्या है
फलियाँ
कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी
पकी हुई, औसत
पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 113 kcal —
- प्रोटीन 8.2 g 16%
- कार्बोहाइड्रेट 14 g 5%
- वसा 0.8 g 1%
- संतृप्त वसा 0.2 g 1%
- फ़ाइबर 9.5 g 34%
- शर्करा 0.2 g —
- सोडियम 62.7 mg 3%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 1.7 µg 0%
- विटामिन C 0.31 mg 0%
- विटामिन K 3.4 µg 3%
- थायमिन (B1) 0.07 mg 6%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.05 mg 4%
- नायसिन (B3) 0.52 mg 3%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.14 mg 3%
- विटामिन B6 0.07 mg 4%
खनिज
- कैल्शियम 68.3 mg 5%
- आयरन 2 mg 11%
- मैग्नीशियम 32.6 mg 8%
- फ़ॉस्फ़ोरस 130 mg 10%
- पोटैशियम 243 mg 5%
- ज़िंक 0.82 mg 7%
- कॉपर 0.19 mg 21%
- मैंगनीज़ 0.46 mg 20%
- सेलेनियम 8.2 µg 15%
- आयोडीन 9 µg 6%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 113 | 8.2 g | 14 g | 0.8 g |
| 50 g | 50 g | 57 | 4.1 g | 6.9 g | 0.4 g |
| 150 g | 150 g | 170 | 12 g | 21 g | 1.2 g |
| 200 g | 200 g | 226 | 16 g | 28 g | 1.6 g |
| 250 g | 250 g | 283 | 21 g | 35 g | 2 g |
मिलते-जुलते खाद्य पदार्थ
फलियाँ के बारे में सवाल
फलियाँ और दालें क्या एक ही चीज़ हैं?
फलियाँ पौधों का बड़ा समूह है; इसमें छोले, मसूर, मटर और सूखी फलियाँ आती हैं। रोज़मर्रा की रसोई में “दालें” अक्सर सूखे, खाने योग्य बीजों के लिए कहा जाता है, जबकि हरी फलियाँ आम तौर पर कोमल फलियों के रूप में पकाई जाती हैं।
सूखी फलियों को पकाने से पहले भिगोना ज़रूरी है?
भिगोना ज़रूरी नहीं, लेकिन रात भर पानी में रखने से पकने का समय घटता है और फलियाँ समान रूप से नरम होती हैं। पकाने से पहले भिगोने का पानी फेंककर ताज़ा पानी डालें; मसूर और मटर जैसी छोटी दालें अक्सर बिना भिगोए भी पक जाती हैं।
फलियों को प्रेशर कुकर में कैसे पकाएँ?
भीगी फलियों को छानकर कुकर में ताज़े पानी के साथ डालें; पानी फलियों से कुछ सेंटीमीटर ऊपर रहे। नमक और टमाटर जैसी खट्टी चीज़ें फलियाँ नरम होने के बाद डालें, और कुकर का दबाव पूरी तरह उतरने पर ही ढक्कन खोलें। समय फलियों के आकार और पुरानेपन से बदलता है, इसलिए नरमी जाँचें।
सूखी फलियाँ और पकी हुई फलियाँ कैसे रखें?
सूखी फलियाँ ठंडी, सूखी जगह पर बंद डिब्बे में रखें। पकी हुई फलियों को जल्दी ठंडा करके बंद बर्तन में फ्रिज में रखें और कुछ दिनों में इस्तेमाल करें; ज़्यादा मात्रा हो तो हिस्सों में बाँटकर फ्रीज़र में जमा दें।
फलियों से कौन-से जाने-पहचाने व्यंजन बनते हैं?
चना मसाला, राजमा, छोले, दाल और फलाफल में अलग-अलग फलियाँ या उनके बीज इस्तेमाल होते हैं। इन्हें चावल, रोटी या सलाद के साथ परोसें; पकी फलियों को सूप और सब्ज़ी में भी मिलाया जा सकता है।
सूखी फलियों की जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
किसी करी या सूप में एक किस्म की पकी फलियों की जगह दूसरी पकी दाल या छोले ले सकते हैं; स्वाद और पकने की बनावट थोड़ी बदलेगी। हरी फलियों की जगह सूखी दाल सीधे न डालें—दोनों को पकाने का तरीका और समय अलग होता है।
क्या कच्ची फलियाँ खाना सुरक्षित है?
सूखी राजमा और कुछ दूसरी फलियाँ कच्ची या अधपकी न खाएँ; इन्हें पहले भिगोएँ, पानी फेंकें और ताज़े पानी में अच्छी तरह उबालकर पूरी तरह नरम करें। धीमी आँच वाले कुकर में राजमा पकाने के बजाय पहले तेज़ उबाल देना बेहतर है।
स्रोत: ANSES–Ciqual (France) 20700 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर