पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 341 kcal —
- प्रोटीन 22 g 43%
- कार्बोहाइड्रेट 47 g 17%
- वसा 1.4 g 2%
- संतृप्त वसा 0.4 g 2%
- फ़ाइबर 16 g 55%
- शर्करा 2.1 g —
- सोडियम 5 mg 0%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 0 µg 0%
- विटामिन C 0 mg 0%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 0.21 mg 1%
- विटामिन K 5.6 µg 5%
- थायमिन (B1) 0.9 mg 75%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.19 mg 15%
- नायसिन (B3) 2 mg 12%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.9 mg 18%
- विटामिन B6 0.29 mg 17%
- फ़ोलेट (B9) 444 µg 111%
- विटामिन B12 0 µg 0%
- कोलीन 66.4 mg 12%
खनिज
- कैल्शियम 123 mg 9%
- आयरन 5 mg 28%
- मैग्नीशियम 171 mg 41%
- फ़ॉस्फ़ोरस 352 mg 28%
- पोटैशियम 1483 mg 32%
- ज़िंक 3.7 mg 33%
- कॉपर 0.84 mg 93%
- मैंगनीज़ 1.1 mg 46%
- सेलेनियम 3.2 µg 6%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 341 | 22 g | 47 g | 1.4 g |
| 1 मात्रा | 194 g | 662 | 42 g | 91 g | 2.8 g |
| 2 मात्राएँ | 388 g | 1323 | 84 g | 182 g | 5.5 g |
| ½ मात्रा | 97 g | 331 | 21 g | 46 g | 1.4 g |
| 3 मात्राएँ | 582 g | 1985 | 126 g | 273 g | 8.3 g |
| 4 मात्राएँ | 776 g | 2646 | 168 g | 364 g | 11 g |
| 50 g | 50 g | 171 | 11 g | 23 g | 0.7 g |
| 150 g | 150 g | 512 | 32 g | 70 g | 2.1 g |
| 200 g | 200 g | 682 | 43 g | 94 g | 2.8 g |
| 250 g | 250 g | 853 | 54 g | 117 g | 3.6 g |
काली फलियाँ के बारे में सवाल
सूखी काली फलियाँ पकाने से पहले कितनी देर भिगोएँ?
उन्हें धोकर खूब पानी में ८–१२ घंटे भिगोएँ; फिर भिगोने का पानी फेंककर ताज़े पानी में पकाएँ। जल्दी हो तो पानी में २ मिनट उबालें, आँच बंद करके ढक दें और १ घंटे छोड़ें।
काली फलियाँ चूल्हे पर कितनी देर पकती हैं?
भिगोई हुई फलियों को ताज़े पानी में पहले तेज़ उबाल दें, फिर धीमी आँच पर करीब ६०–९० मिनट पकाएँ। दाना दबाने पर आसानी से मसल जाए, तभी नमक और खट्टी चीज़ें डालें; टमाटर या नींबू पहले डालने से नरम होने में देर लग सकती है।
क्या काली फलियाँ धीमी कुकर में कच्ची डाल सकते हैं?
सूखी काली फलियाँ सीधे धीमी कुकर में न पकाएँ: कम तापमान पर वे पूरी तरह सुरक्षित ढंग से न पकें। पहले भिगोएँ और पानी में कम से कम १० मिनट तेज़ उबालें, फिर कुकर में डालकर नरम होने तक पकाएँ।
पकी हुई काली फलियाँ कैसे रखें?
पकने के बाद उन्हें उथले डिब्बे में ठंडा करके दो घंटे के भीतर फ्रिज में रखें; तीन–चार दिन में इस्तेमाल करें। फ्रीज़र में छोटे हिस्सों में रखें, ताकि सूप या चावल के लिए जितनी चाहिए उतनी ही निकाल सकें।
काली फलियों से कौन-से पकवान बनाए जाते हैं?
इन्हें मैक्सिकन शैली के टैको, बरिटो और चावल के कटोरे में डालें, या प्याज़, लहसुन, जीरा और टमाटर के साथ गाढ़ा सूप बनाएँ। पकी फलियों को मैश करके पैटी या स्प्रेड भी बनाया जा सकता है।
काली फलियों की जगह कौन-सी फलियाँ इस्तेमाल कर सकते हैं?
चिली या सूप में राजमा, काली राजमा या सफेद बीन्स चलेंगी; सलाद और टैको में लोबिया भी अच्छा विकल्प है। रंग और स्वाद थोड़ा बदलेंगे, इसलिए पकवान में डालने से पहले फलियों को अलग पकाकर नरम कर लें।
काली फलियों और सफेद बीन्स में क्या फर्क है?
सूखी अवस्था में सफेद बीन्स में प्रति १०० ग्राम २३.४ ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि काली फलियों में 22 ग्राम; दोनों पककर नरम होने पर सूप, स्ट्यू और सलाद में एक-दूसरे की जगह चलती हैं। सफेद बीन्स का स्वाद हल्का होता है, जबकि काली फलियाँ रंग और मिट्टी-सा गहरा स्वाद देती हैं।
स्रोत: USDA FoodData Central 173734 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर