जानें आपकी थाली में क्या है

अटलांटिक कॉड

कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी

कच्चा

82
कैलोरीkcal प्रति 100 g
प्रोटीन18 g
कार्ब्स0 g
वसा0.7 g

पोषण संबंधी जानकारी

प्रति 100 g% दैनिक मान
  • कैलोरी 82 kcal —
  • प्रोटीन 18 g 36%
  • कार्बोहाइड्रेट 0 g 0%
  • वसा 0.7 g 1%
  • संतृप्त वसा 0.1 g 1%
  • फ़ाइबर 0 g 0%
  • शर्करा 0 g —
  • सोडियम 54 mg 2%
  • कोलेस्ट्रॉल 43 mg 14%

विटामिन और खनिज

प्रति 100 g% दैनिक मान

विटामिन

  • विटामिन A 12 µg 1%
  • विटामिन C 1 mg 1%
  • विटामिन D 0.9 µg 5%
  • विटामिन E 0.64 mg 4%
  • विटामिन K 0.1 µg 0%
  • थायमिन (B1) 0.08 mg 6%
  • राइबोफ़्लेविन (B2) 0.07 mg 5%
  • नायसिन (B3) 2.1 mg 13%
  • पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.15 mg 3%
  • विटामिन B6 0.25 mg 14%
  • फ़ोलेट (B9) 7 µg 2%
  • विटामिन B12 0.91 µg 38%
  • कोलीन 65.2 mg 12%

खनिज

  • कैल्शियम 16 mg 1%
  • आयरन 0.38 mg 2%
  • मैग्नीशियम 32 mg 8%
  • फ़ॉस्फ़ोरस 203 mg 16%
  • पोटैशियम 413 mg 9%
  • ज़िंक 0.45 mg 4%
  • कॉपर 0.03 mg 3%
  • मैंगनीज़ 0.02 mg 1%
  • सेलेनियम 33.1 µg 60%

परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी

परोसने की मात्रावज़नकैलोरीप्रोटीनकार्ब्सवसा
100 g100 g8218 g0 g0.7 g
1 मात्रा85 g7015 g0 g0.6 g
2 मात्राएँ170 g13930 g0 g1.1 g
½ मात्रा42.5 g357.6 g0 g0.3 g
3 मात्राएँ255 g20945 g0 g1.7 g
4 मात्राएँ340 g27961 g0 g2.3 g
50 g50 g418.9 g0 g0.3 g
150 g150 g12327 g0 g1 g
200 g200 g16436 g0 g1.3 g
250 g250 g20545 g0 g1.7 g

अटलांटिक कॉड के बारे में सवाल

अटलांटिक कॉड को पैन में पकाने का आसान तरीका क्या है?

फ़िलेट को अच्छी तरह सुखाकर नमक-मिर्च लगाएँ और गरम तेल वाले पैन में मध्यम आँच पर हर तरफ़ लगभग 3–4 मिनट पकाएँ। मछली पकने पर अपारदर्शी हो जाती है और काँटे से आसानी से परतों में खुलती है; बीच का तापमान 63 °C तक पहुँचाएँ।

जमी हुई अटलांटिक कॉड को कैसे पिघलाएँ?

इसे ढककर रात भर फ़्रिज में पिघलने दें; जल्दी हो तो सीलबंद पैकेट को ठंडे पानी में रखें और पानी हर 30 मिनट में बदलें। पिघली मछली को सुखाकर पकाएँ—गीली सतह पैन में भाप छोड़ती है और अच्छी भूरी नहीं होती।

अटलांटिक कॉड को फ़्रिज और फ़्रीज़र में कितने समय तक रखें?

कच्ची कॉड को ढके बर्तन में फ़्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखें और एक से दो दिन के भीतर पकाएँ। लंबे समय के लिए उसे अच्छी तरह लपेटकर फ़्रीज़र में रखें; पिघली हुई मछली को दोबारा जमाने के बजाय पका लें।

अटलांटिक कॉड से कौन-से मशहूर व्यंजन बनते हैं?

इसकी हल्की, परतदार बनावट फ़िश ऐंड चिप्स, फ़िश चाउडर और पुर्तगाली शैली की बकलहाउ (नमक में सुरक्षित कॉड) वाली डिशों में खूब काम आती है। ताज़ी कॉड से करी या मसालेदार टमाटर की ग्रेवी भी बना सकते हैं; इसे ज़्यादा पकाने पर मछली सूखी हो जाती है।

अटलांटिक कॉड की जगह कौन-सी मछली ले सकते हैं?

फ़िश ऐंड चिप्स या करी में पैसिफिक कॉड अच्छा विकल्प है; स्वाद हल्का और गूदा परतदार रहता है। अटलांटिक पोलॉक भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उसका गूदा थोड़ा नरम हो सकता है—टुकड़ों को पैन में सावधानी से पलटें।

अटलांटिक कॉड और पैसिफिक कॉड में क्या अंतर है?

दोनों हल्के स्वाद और परतदार गूदे वाली कॉड हैं। पैसिफिक कॉड में प्रति 100 ग्राम 69 kcal और 15.3 g प्रोटीन होता है, जबकि अटलांटिक कॉड में 82 kcal और 18 g प्रोटीन होता है।

अटलांटिक कॉड की एक सामान्य सर्विंग कितनी होती है, और उसमें कितना प्रोटीन है?

एक फ़िलेट की आम सर्विंग लगभग 231 g होती है; इतनी मात्रा में 41 g प्रोटीन मिलता है। हल्के स्वाद के कारण इसे सब्ज़ियों, आलू या चावल के साथ परोसना आसान है।

अटलांटिक कॉड पक गई है, यह कैसे पहचानें?

सबसे मोटे हिस्से में तापमान 63 °C होना चाहिए। थर्मामीटर न हो तो देखें कि गूदा अपारदर्शी हो गया है और काँटे से दबाने पर आसानी से परतों में अलग होता है; कच्चे या अधपके हिस्से दिखें तो थोड़ी देर और पकाएँ।

स्रोत: USDA FoodData Central 171955 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर