जानें आपकी थाली में क्या है
नीली शार्क
कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी
फ़िले, बिना त्वचा, कच्चा
पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 74 kcal —
- प्रोटीन 15 g 30%
- कार्बोहाइड्रेट 0 g 0%
- वसा 1.5 g 2%
- संतृप्त वसा 0.3 g 2%
- फ़ाइबर 0 g 0%
- शर्करा 0 g —
- सोडियम 83 mg 4%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 74 | 15 g | 0 g | 1.5 g |
| 50 g | 50 g | 37 | 7.5 g | 0 g | 0.8 g |
| 150 g | 150 g | 110 | 23 g | 0 g | 2.3 g |
| 200 g | 200 g | 147 | 30 g | 0 g | 3 g |
| 250 g | 250 g | 184 | 38 g | 0 g | 3.8 g |
नीली शार्क के बारे में सवाल
नीली शार्क का मांस पकाने से पहले कैसे तैयार करें?
इसे ठंडे पानी से जल्दी धोकर अच्छी तरह सुखाएँ; नींबू और लहसुन के साथ थोड़ी देर मेरिनेट करने से इसका स्वाद संतुलित रहता है। तेज़ सिरके में लंबे समय तक न छोड़ें, वरना मांस की बनावट नरम पड़ सकती है।
नीली शार्क को कितनी देर पकाना चाहिए?
स्टेक को गर्म तवे पर हर तरफ़ लगभग 3–5 मिनट पकाएँ; मोटे टुकड़े को बीच में पलटें और तब तक पकाएँ जब तक अंदर का हिस्सा अपारदर्शी होकर आसानी से परतों में टूटने लगे। मछली के बीच का तापमान 63 °C तक पहुँचने पर वह पक चुकी होती है।
नीली शार्क से कौन-से पकवान बनाए जा सकते हैं?
इसके स्टेक को टमाटर, लहसुन और जड़ी-बूटियों की चटनी में पकाएँ, या हल्का ब्रेडक्रम्ब लगाकर पैन में तलें। इसका मांस कड़ा रहता है, इसलिए कबाब और करी में भी टुकड़े अपना आकार बनाए रखते हैं।
नीली शार्क को फ्रिज में कितने समय तक रख सकते हैं?
कच्ची नीली शार्क को ढके बर्तन में फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखें और एक-दो दिन के भीतर पका लें। अधिक समय रखना हो तो कसकर लपेटकर फ़्रीज़र में जमाएँ; पिघलाने के लिए रात भर फ्रिज में रखें, कमरे के तापमान पर नहीं।
नीली शार्क की जगह कौन-सी मछली इस्तेमाल कर सकते हैं?
स्टेक या करी में ब्लू लिंग अच्छा विकल्प है: उसका मांस भी सफेद और हल्का होता है, लेकिन नीली शार्क से अधिक दुबला है—ब्लू लिंग में 0.44 g और नीली शार्क में 1.5 g वसा प्रति 100 g होती है।
नीली शार्क में प्रोटीन कितना होता है?
इसमें प्रति 100 g 15 g प्रोटीन होता है। एक सामान्य परोस लगभग 100–150 g कच्ची मछली का टुकड़ा हो सकता है।
नीली शार्क से तेज़ अमोनिया जैसी गंध क्यों आती है?
शार्क के मांस में प्राकृतिक रूप से यूरिया होता है, जो टूटने पर अमोनिया जैसी गंध दे सकता है। हल्की गंध हो तो धोकर और पकाकर देखें, लेकिन तेज़, चुभती अमोनिया-सी गंध हो तो मछली न खाएँ।
स्रोत: ANSES–Ciqual (France) 26241 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर