पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 239 kcal —
- प्रोटीन 2.8 g 6%
- कार्बोहाइड्रेट 57 g 21%
- वसा 0.6 g 1%
- संतृप्त वसा 0.3 g 1%
- फ़ाइबर 5.1 g 18%
- शर्करा 39 g —
- सोडियम 28 mg 1%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 2 µg 0%
- विटामिन C 3.5 mg 4%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 0.1 mg 1%
- विटामिन K 2.8 µg 2%
- थायमिन (B1) 0.43 mg 36%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.15 mg 12%
- नायसिन (B3) 1.9 mg 12%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.14 mg 3%
- विटामिन B6 0.07 mg 4%
- फ़ोलेट (B9) 14 µg 4%
- विटामिन B12 0 µg 0%
- कोलीन 8.6 mg 2%
खनिज
- कैल्शियम 74 mg 6%
- आयरन 2.8 mg 16%
- मैग्नीशियम 92 mg 22%
- फ़ॉस्फ़ोरस 113 mg 9%
- पोटैशियम 628 mg 13%
- ज़िंक 0.1 mg 1%
- कॉपर 0.09 mg 10%
- सेलेनियम 1.3 µg 2%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 239 | 2.8 g | 57 g | 0.6 g |
| 1 मात्रा | 120 g | 287 | 3.4 g | 69 g | 0.7 g |
| 2 मात्राएँ | 240 g | 574 | 6.7 g | 138 g | 1.4 g |
| ½ मात्रा | 60 g | 143 | 1.7 g | 34 g | 0.4 g |
| 3 मात्राएँ | 360 g | 860 | 10 g | 207 g | 2.2 g |
| 4 मात्राएँ | 480 g | 1147 | 13 g | 276 g | 2.9 g |
| 50 g | 50 g | 120 | 1.4 g | 29 g | 0.3 g |
| 150 g | 150 g | 359 | 4.2 g | 86 g | 0.9 g |
| 200 g | 200 g | 478 | 5.6 g | 115 g | 1.2 g |
| 250 g | 250 g | 598 | 7 g | 144 g | 1.5 g |
मिलते-जुलते खाद्य पदार्थ
इमली के बारे में सवाल
इमली का गूदा निकालने का आसान तरीका क्या है?
इमली को गरम पानी में 15–20 मिनट भिगोएँ, फिर हाथ से मसलकर गूदा अलग करें और रेशे व बीज छान लें। गाढ़ी चटनी या सांभर के लिए कम पानी डालें; पतली इमली की चटनी के लिए पानी थोड़ा बढ़ाएँ।
इमली की चटनी कैसे बनाएँ?
बीजरहित इमली को गरम पानी में नरम करके छानें और गूदे को गुड़, भुना जीरा, सौंठ और नमक के साथ 8–10 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ। ठंडी होने पर चटनी गाढ़ी हो जाती है; इसे समोसे, चाट या पकौड़ों के साथ परोसें।
सांभर या दाल में इमली कब डालनी चाहिए?
इमली का छना हुआ पानी दाल और सब्ज़ियाँ पक जाने के बाद डालें और 5–10 मिनट उबालें, ताकि खटास अच्छी तरह घुल जाए। बहुत देर तक तेज़ उबालने से इसकी खुशबू मंद पड़ सकती है।
इमली किस-किस खाने में डाली जाती है?
इमली सांभर, रसम, पनिपुरी के पानी, चाट की मीठी चटनी और कई दक्षिण एशियाई करी में खटास देती है। इसे गुड़ और मसालों के साथ पकाकर खट्टी-मीठी चटनी भी बनाई जाती है।
इमली को कैसे रखें ताकि वह सूखे नहीं या खराब न हो?
बीज वाली सूखी इमली को साफ, सूखे, हवा-बंद डिब्बे में रखें; नमी से वह चिपचिपी या फफूँदीदार हो सकती है। निकाला हुआ गूदा या घर की चटनी ढके बर्तन में फ्रिज में रखें और साफ चम्मच से निकालें।
इमली का गूदा और इमली का पेस्ट—किसे चुनें?
गूदा भिगोकर और छानकर इस्तेमाल करना पड़ता है, जबकि पेस्ट सीधे करी या चटनी में मिल जाता है। गूदे में 239 kcal प्रति 100 g हैं, जबकि इमली के पेस्ट में 250 kcal प्रति 100 g हैं।
क्या इमली के बीज खाए जा सकते हैं?
इमली के बीज बहुत कड़े होते हैं, इसलिए उन्हें आम तौर पर चबाकर नहीं खाते; गूदा इस्तेमाल करने से पहले बीज निकाल दें। छोटे बच्चों को साबुत इमली की फली या बीज न दें, क्योंकि वे गले में अटक सकते हैं।
इमली इतनी खट्टी क्यों होती है?
इमली की फलियों के भीतर का गूदा पकने पर भूरा और खट्टा-मीठा हो जाता है; उसमें मौजूद टार्टरिक अम्ल खटास का बड़ा कारण है। गूदे को पानी में घोलना इसलिए आसान है कि वह बीजों और रेशों से अलग होकर छान लिया जाता है।
स्रोत: USDA FoodData Central 167763 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर