पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 111 kcal —
- प्रोटीन 3.3 g 7%
- कार्बोहाइड्रेट 5 g 2%
- वसा 8.8 g 11%
- संतृप्त वसा 1.5 g 7%
- फ़ाइबर 2.3 g 8%
- शर्करा 1.7 g —
- सोडियम 385 mg 17%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन C 4 mg 4%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 2.9 mg 19%
- थायमिन (B1) 0.03 mg 3%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.2 mg 15%
- नायसिन (B3) 0.2 mg 1%
- फ़ोलेट (B9) 37 µg 9%
- विटामिन B12 0 µg 0%
खनिज
- कैल्शियम 134 mg 10%
- आयरन 2.4 mg 13%
- मैग्नीशियम 55 mg 13%
- फ़ॉस्फ़ोरस 49 mg 4%
- पोटैशियम 376 mg 8%
- ज़िंक 1 mg 9%
- कॉपर 0.12 mg 13%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 111 | 3.3 g | 5 g | 8.8 g |
| 50 g | 50 g | 56 | 1.7 g | 2.5 g | 4.4 g |
| 150 g | 150 g | 167 | 5 g | 7.5 g | 13 g |
| 200 g | 200 g | 222 | 6.6 g | 10 g | 18 g |
| 250 g | 250 g | 278 | 8.3 g | 13 g | 22 g |
साग के बारे में सवाल
साग को घर पर गाढ़ा और स्वादिष्ट कैसे पकाएँ?
पत्ते अच्छी तरह धोकर मोटा काटें और थोड़े पानी के साथ नरम होने तक पकाएँ। फिर मथनी या हैंड ब्लेंडर से दरदरा पीसें; आखिर में घी या तेल में लहसुन, अदरक और मिर्च का तड़का लगाएँ।
साग को पकने में कितना समय लगता है?
सरसों या पालक जैसे कोमल पत्तों को ढककर धीमी आँच पर लगभग 15–25 मिनट पकाएँ; मोटे डंठल हों तो उन्हें पहले डालें। पत्ते गलकर मथनी से आसानी से मसलने लगें, तो साग तैयार है।
साग के साथ क्या खाना अच्छा लगता है?
सरसों का साग और मक्की की रोटी एक जाना-पहचाना मेल है; ऊपर से थोड़ा मक्खन या घी डालें। साग बाजरे की रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ भी परोस सकते हैं।
बचा हुआ साग कैसे रखें और दोबारा कैसे गरम करें?
पका साग ठंडा करके ढक्कन वाले डिब्बे में फ्रिज में रखें और कुछ दिनों के भीतर खा लें। गरम करते समय पतीले में धीमी आँच पर चलाते रहें; बहुत गाढ़ा हो तो थोड़ा पानी डालें और पूरी तरह भाप उठने तक गरम करें।
साग में सरसों के पत्तों की जगह क्या डाल सकते हैं?
पालक, मेथी या चौलाई के पत्ते इस्तेमाल कर सकते हैं; स्वाद और गाढ़ापन अलग होगा। सरसों जैसी हल्की तीखी खुशबू के लिए पालक के साथ थोड़ी मेथी मिलाएँ।
साग और पालक भाजी में क्या अंतर है?
पालक भाजी आम तौर पर पालक से बनती है, जबकि साग कई तरह की पत्तेदार सब्ज़ियों से बन सकता है—जैसे सरसों, पालक और मेथी का मिश्रण। साग अक्सर अधिक देर पकाकर गाढ़ा और मथा हुआ बनाया जाता है।
क्या साग को कच्चा खाया जा सकता है?
साग आम तौर पर पकाकर खाया जाता है, क्योंकि पकाने से पत्ते नरम होते हैं और उनका कच्चापन कम होता है। पकाने से पहले पत्तों और डंठलों को बहते पानी में अच्छी तरह धो लें; उनमें मिट्टी छिपी रह सकती है।
स्रोत: CoFID (UK) 15-629 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर