Pilates के दौरान बर्न हुई कैलोरी कैसे मापें
Pilates में कैलोरी बर्न मूवमेंट, रफ्तार, रेजिस्टेंस, ब्रेक और आपके शरीर पर निर्भर करता है। यह गाइड बताती है कि काम का अनुमान कैसे लगाएं और अपने खान-पान व गतिविधि का रिकॉर्ड एकसमान कैसे रखें।
Pilates में कैलोरी बर्न मापना मुश्किल क्यों है
Pilates सेशन के दौरान आपका शरीर ऊर्जा खर्च करता है, लेकिन ऐसा कोई एक कैलोरी आंकड़ा नहीं है जो हर क्लास पर लागू हो। सांस और नियंत्रण पर ध्यान देने वाले धीमे सेशन में आमतौर पर कठिन पोज़ को लगातार बनाए रखने वाले क्रम की तुलना में कम ऊर्जा खर्च होती है। सेशन की अवधि भी मायने रखती है, खासकर जब उसमें वार्म-अप, अभ्यास का प्रदर्शन और आराम के समय शामिल हों।

कैलोरी बर्न पर शरीर का आकार, मूवमेंट की दक्षता और एक समय में कितनी मांसपेशियां काम कर रही हैं, इसका भी असर पड़ता है। एक ही इंस्ट्रक्टर के साथ अभ्यास करने वाले दो लोग अलग-अलग स्तर की मेहनत कर सकते हैं या अलग-अलग ब्रेक ले सकते हैं। इसलिए दर्ज किए गए किसी भी आंकड़े को सटीक माप नहीं, बल्कि एक अनुमान मानें।
- सेशन की अवधि
- देखने या आराम करने के बजाय मूवमेंट में बिताया गया समय
- एक्सरसाइज़ की रफ्तार और कठिनाई
- सेशन के दौरान इस्तेमाल किया गया रेजिस्टेंस
- आपके शरीर का आकार और मूवमेंट की व्यक्तिगत दक्षता
अनुमान लगाने का एक तरीका चुनें और उसी पर टिके रहें
एक एक्टिविटी ट्रैकर, एक्सरसाइज़ कैलकुलेटर या लॉगिंग ऐप का अनुमान शुरुआत के लिए उपयोगी हो सकता है। इन तरीकों में शरीर का वजन, सेशन की अवधि, मूवमेंट और कभी-कभी हार्ट रेट जैसी जानकारी का इस्तेमाल होता है। इनके हिसाब लगाने के तरीके अलग-अलग होते हैं, इसलिए बार-बार तरीका बदलने से मिलते-जुलते सेशन असलियत से कम एकसमान दिख सकते हैं।

एक तरीका चुनें और अपनी जानकारी जहां तक संभव हो, सही-सही दर्ज करें। अगर विकल्प हो, तो सामान्य एक्सरसाइज़ श्रेणी के बजाय Pilates चुनें। अगर ऐप आपसे इंटेंसिटी पूछे, तो क्लास के नाम के बजाय सेशन की मेहनत के स्तर के हिसाब से विकल्प चुनें।
- मिलते-जुलते सेशन के लिए एक ही ट्रैकर या कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें
- हो सके तो मूवमेंट में बिताया गया वास्तविक समय दर्ज करें
- निजी जानकारी बदलने पर उसे अपडेट करें
- देखें कि नतीजा एक्टिव कैलोरी दिखाता है या कुल कैलोरी
सेशन की इंटेंसिटी का अंदाजा लगाएं
इंटेंसिटी बताती है कि सेशन कितना चुनौतीपूर्ण महसूस होता है और आप कितनी लगातार मेहनत कर रहे हैं। लंबी व्याख्या, हल्की मोबिलिटी एक्सरसाइज़ और बार-बार रीसेट होने पर क्लास हल्की लग सकती है। एक्सरसाइज़ लगातार एक-दूसरे से जुड़ी हों, पोज़ लंबे समय तक रोककर रखने हों या रेजिस्टेंस से हर रेप कठिन हो जाए, तो सेशन ज्यादा चुनौतीपूर्ण लग सकता है।

सेशन को परीक्षा बनाए बिना मेहनत का अंदाजा लगाने के लिए सांस पर ध्यान दें। हल्की एक्सरसाइज़ के दौरान आमतौर पर बातचीत आसानी से हो जाती है, जबकि ज्यादा चुनौतीपूर्ण क्रम में बोलना असहज हो सकता है। Pilates में सांस को नियंत्रित करने से यह एहसास बदल सकता है, इसलिए मांसपेशियों की मेहनत, रफ्तार और आराम की मात्रा पर भी ध्यान दें।
सिर्फ इसलिए पूरे सेशन को बहुत कठिन न मानें कि उसका एक छोटा हिस्सा मुश्किल था। वार्म-अप से लेकर आखिरी मूवमेंट तक, कुल मिलाकर मेहनत का औसत स्तर सोचें। इससे कैलकुलेटर या एक्टिविटी लॉग में इंटेंसिटी का चुनाव ज्यादा वास्तविक होगा।
- हल्की: आराम से किए गए मूवमेंट, नियमित ब्रेक और आसानी से बातचीत कर पाना
- मध्यम: लगातार अभ्यास, नियंत्रित बदलाव और मेहनत का साफ एहसास
- ज्यादा मेहनत: लंबे क्रम, चुनौतीपूर्ण पोज़ और कम ब्रेक
एक्टिव कैलोरी और कुल कैलोरी को अलग समझें
कुछ ट्रैकर एक्टिव कैलोरी बताते हैं, जबकि कुछ सेशन की अवधि में खर्च हुई कुल कैलोरी दिखाते हैं। एक्टिव कैलोरी का मतलब आमतौर पर आपके शरीर की सामान्य आराम की जरूरत से ज्यादा खर्च हुई ऊर्जा होता है। कुल कैलोरी में गतिविधि के साथ वह ऊर्जा भी शामिल होती है जो आपका शरीर उस समय वैसे भी खर्च करता।

खाने के लॉग में एक्सरसाइज़ जोड़ते समय यह फर्क मायने रखता है। अगर ऐप आपका दैनिक लक्ष्य तय करते समय आराम की ऊर्जा को पहले से शामिल करता है, तो कुल कैलोरी को पूरी तरह अतिरिक्त गतिविधि मानकर दर्ज करने से आराम के दौरान खर्च हुई ऊर्जा दो बार गिनी जा सकती है। लेबल देखें और हर बार एक ही तरह का आंकड़ा इस्तेमाल करें।
- एक्टिव, एक्सरसाइज़ या कुल ऊर्जा जैसे लेबल देखें
- जांचें कि आपके दैनिक लक्ष्य में सामान्य गतिविधि पहले से शामिल है या नहीं
- एक ही सेशन के लिए दो ट्रैकर के आंकड़े एक साथ न जोड़ें
- अगर यह स्पष्ट न हो कि कौन-सा आंकड़ा दिखाया गया था, तो एक नोट जोड़ें
Pilates का एक आसान रिकॉर्ड रखें
एक उपयोगी रिकॉर्ड में सिर्फ कैलोरी का अनुमान दर्ज करना काफी नहीं है। अवधि, सेशन का प्रकार और मेहनत का सामान्य स्तर भी लिखें, ताकि बाद में मिलते-जुलते वर्कआउट की तुलना कर सकें। यह जानकारी समझने में मदद करती है कि एक ही अवधि के दो सेशन के अनुमान अलग क्यों हो सकते हैं।
सेशन को आम शब्दों में बताएं, जैसे हल्की मैट एक्सरसाइज़, लगातार चलने वाला मिला-जुला क्रम या रेजिस्टेंस के साथ Pilates। यह भी लिख सकते हैं कि लंबे डेमो हुए थे, बार-बार ब्रेक लिए गए थे या कोई हिस्सा असामान्य रूप से कठिन था। जब तक किसी खास एक्सरसाइज़ का ब्योरा आपके काम न आए, हर एक्सरसाइज़ अलग से दर्ज करने की जरूरत नहीं है।
किसी एक नतीजे पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कई मिलते-जुलते सेशन के पैटर्न देखें। अगर ट्रैकर कोई असामान्य आंकड़ा दिखाए, तो उसे मानने से पहले अवधि, एक्टिविटी का प्रकार और निजी जानकारी जांचें। हर अनुमान को सटीक दिखाने की कोशिश से ज्यादा उपयोगी है कि रिकॉर्ड लगातार एक ही तरीके से रखा जाए।
- तारीख और सेशन की अवधि
- मैट, रेजिस्टेंस के साथ या मिला-जुला सेशन
- औसतन हल्की, मध्यम या ज्यादा मेहनत
- लंबे ब्रेक या निर्देश देने में लगा समय
- एक्टिव या कुल कैलोरी का अनुमान