कमर दर्द होने पर जूते कैसे चुनें
कमर दर्द के लिए कोई एक जूता सबसे अच्छा नहीं होता, क्योंकि आराम, पैर की बनावट और चलने का तरीका हर व्यक्ति का अलग होता है। सबसे उपयोगी जूता वह है जो स्थिर लगे, ठीक से फिट हो और आपके चलने-फिरने के तरीके को सहारा दे।
लेबल नहीं, फिट पर ध्यान दें
सहारा देने वाले, कुशन वाले या मोशन कंट्रोल जैसे शब्द मददगार हो सकते हैं, लेकिन इनसे आराम की गारंटी नहीं मिलती। जूता एड़ी को बिना रगड़े अच्छी तरह थामे, पंजों के लिए जगह छोड़े और पहनते ही आरामदायक लगे।

जूते उन्हीं मोज़ों के साथ पहनकर देखें जो आप आमतौर पर पहनते हैं और हो सके तो किसी सख्त सतह पर चलकर देखें। ध्यान दें कि पैर जूते के भीतर खिसकते हैं या नहीं, पंजों पर दबाव पड़ता है या नहीं, और क्या असहजता से बचने के लिए आपकी चाल बदल जाती है।
स्थिर और आरामदायक सहारा देखें
स्थिर तलवा पैर को बहुत ज़्यादा डगमगाए बिना ज़मीन पर रखने में मदद कर सकता है। कुशनिंग हर कदम का झटका कम कर सकती है, लेकिन कुछ लोगों को बहुत मुलायम जूते अस्थिर लग सकते हैं। इसलिए ऐसा संतुलन चुनें जो आपको सूट करे।

देखें कि जूता पैर के अगले हिस्से में, पंजों के नीचे वाले उभरे भाग के पास मुड़े, न कि बीच से दोहरा हो जाए। एड़ी भी अच्छी तरह थमी हुई लगे और जूते का ऊपरी हिस्सा संवेदनशील जगहों पर दबाव डाले बिना मुड़ सके।
गतिविधि के मुताबिक जूते चुनें
सही जूते इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप चल रहे हैं, दौड़ रहे हैं, लंबे समय तक खड़े रहते हैं या घर के अंदर व्यायाम करते हैं। दौड़ने के जूते बार-बार आगे की ओर होने वाली गति के लिए बनाए जाते हैं, जबकि रोज़मर्रा के जूतों में लचीलापन, दिखावट या पूरे दिन का आराम प्राथमिकता हो सकता है।

इस बारे में सोचें कि आप ज़्यादातर किन सतहों पर चलते हैं और बाद में आपका शरीर कैसा महसूस करता है। अगर आप अपने खान-पान और गतिविधियों का रिकॉर्ड रखते हैं, तो पहने हुए जूतों, गतिविधि के प्रकार और उसके दौरान व बाद में कमर के आराम का भी नोट बना सकते हैं।
जानें कि जूते कब ठीक नहीं रह जाते
जूते बहुत घिसे हुए दिखने से पहले ही उनकी कुशनिंग और बनावट कमज़ोर हो सकती है। तलवे का असमान घिसना, एड़ी का दब जाना या पहले से ज़्यादा अस्थिर महसूस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि जूते अब पहले जैसा सहारा नहीं दे रहे।

जूते कमर दर्द दूर करने की गारंटी नहीं देते, और महँगा जूता अपने आप बेहतर विकल्प नहीं बन जाता। अगर असहजता बनी रहे या चलने-फिरने में मुश्किल हो, तो कोई योग्य विशेषज्ञ आपकी चाल और जूतों से जुड़ी ज़रूरतों का आकलन कर सकता है।