महिलाओं के लिए सही जिम शूज़ कैसे चुनें
हर महिला के लिए एक ही तरह का जिम शूज़ सही नहीं होता। आपके लिए सबसे अच्छी जोड़ी आपके पैरों, आपकी एक्सरसाइज़ और चलते समय जूतों के एहसास पर निर्भर करती है।
अपनी ट्रेनिंग के हिसाब से चुनें
जिस गतिविधि को आप सबसे ज़्यादा करती हैं, उसी के मुताबिक जूते चुनें। ट्रेडमिल पर दौड़ने के लिए आम तौर पर कुशनिंग और आगे की ओर सहज गति ज़रूरी होती है, जबकि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए सख्त और सपाट तला बेहतर रहता है।

अगर आपके सेशन में मशीनें, थोड़ी देर के कार्डियो और फ़्लोर एक्सरसाइज़ शामिल हैं, तो क्रॉस-ट्रेनिंग शूज़ बीच का अच्छा विकल्प हो सकते हैं। जिन क्लासों में दिशा जल्दी-जल्दी बदलनी पड़ती है, उनमें ऐसे जूते देखें जो बगल की ओर भी सहारा दें। सिर्फ़ सीधी दिशा में दौड़ने के लिए बने जूते न चुनें।
चल-फिरकर फिट जाँचें
जिम शूज़ एड़ी को मज़बूती से थामें, लेकिन रगड़ें या फिसलें नहीं। उँगलियों को फैलने की जगह मिलनी चाहिए, पर स्क्वैट, स्टेप या दिशा बदलते समय जूता बाकी हिस्सों में ढीला नहीं लगना चाहिए।

दोनों जूते पहनकर देखें, क्योंकि दोनों पैर हमेशा एक ही साइज़ के नहीं होते। ट्रेनिंग के दौरान जिस तरह के मोज़े पहनती हैं, वही पहनकर चलें, झुकें और धीरे-धीरे बगल की ओर कुछ कदम लें। इससे जूते के अंदर दबाव, चुभन या पैर के हिलने का पता चल सकता है।
स्थिरता, कुशनिंग और पकड़ का ध्यान रखें
हर वर्कआउट के लिए ज़्यादा कुशनिंग बेहतर नहीं होती। कार्डियो के दौरान नरम सोल आरामदायक लग सकते हैं, जबकि वज़न उठाते समय नीचे और सख्त सोल ज़्यादा स्थिर आधार दे सकता है।

आउटसोल की पकड़ जिम के फ़र्श पर अच्छी होनी चाहिए, लेकिन मुड़ते समय वह अटके नहीं। चौड़ा बेस भी ज़्यादा स्थिर महसूस हो सकता है, खासकर स्क्वैट, लंज और उन एक्सरसाइज़ में जिनमें एक पैर पर वज़न पड़ता है।
जानें कि जूते बदलने का समय कब है
ऊपर से जूते ठीक दिख सकते हैं, भले ही उनके सोल का आकार या पकड़ कम हो गई हो। असमान घिसावट, दबा हुआ मिडसोल, ढीली एड़ी या जानी-पहचानी एक्सरसाइज़ करते समय नई तकलीफ़—ये सभी संकेत हो सकते हैं कि जूते अब आपकी ट्रेनिंग को सही सहारा नहीं दे रहे।

जूते बदलने का कोई एक तय समय नहीं होता, क्योंकि घिसावट आपकी चाल, ट्रेनिंग की आवृत्ति, शरीर और इस्तेमाल की जाने वाली सतहों पर निर्भर करती है। जूतों को नियमित रूप से जाँचें और सिर्फ़ उनकी उम्र पर निर्भर रहने के बजाय फिट, पकड़ और स्थिरता में बदलाव को काम के संकेत मानें।