पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 23 kcal —
- प्रोटीन 3 g 6%
- कार्बोहाइड्रेट 0.6 g 0%
- वसा 0.8 g 1%
- फ़ाइबर 2.1 g 8%
- सोडियम 55 mg 2%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 58 µg 6%
- विटामिन C 5.9 mg 7%
- विटामिन D 0 µg 0%
- थायमिन (B1) 0.11 mg 9%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.13 mg 10%
- नायसिन (B3) 0.79 mg 5%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.14 mg 3%
- विटामिन B6 0.09 mg 5%
- फ़ोलेट (B9) 114 µg 28%
- विटामिन B12 0 µg 0%
खनिज
- कैल्शियम 124 mg 10%
- आयरन 1.5 mg 8%
- मैग्नीशियम 48 mg 11%
- फ़ॉस्फ़ोरस 36 mg 3%
- पोटैशियम 256 mg 5%
- ज़िंक 0.3 mg 3%
- कॉपर 0.11 mg 12%
- मैंगनीज़ 0.26 mg 11%
- सेलेनियम 0.9 µg 2%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 23 | 3 g | 0.6 g | 0.8 g |
| 1 मात्रा | 44 g | 10 | 1.3 g | 0.3 g | 0.3 g |
| 2 मात्राएँ | 88 g | 20 | 2.6 g | 0.5 g | 0.7 g |
| ½ मात्रा | 22 g | 5 | 0.7 g | 0.1 g | 0.2 g |
| 3 मात्राएँ | 132 g | 30 | 3.9 g | 0.8 g | 1 g |
| 4 मात्राएँ | 176 g | 40 | 5.2 g | 1.1 g | 1.4 g |
| 50 g | 50 g | 12 | 1.5 g | 0.3 g | 0.4 g |
| 150 g | 150 g | 35 | 4.5 g | 0.9 g | 1.2 g |
| 200 g | 200 g | 46 | 6 g | 1.2 g | 1.6 g |
| 250 g | 250 g | 58 | 7.5 g | 1.5 g | 2 g |
मालाबार पालक के बारे में सवाल
मालाबार पालक को पकाने पर चिपचिपा क्यों हो जाता है?
इसकी मोटी पत्तियों और डंठलों में प्राकृतिक गोंद जैसा रस होता है, इसलिए पकने पर सब्ज़ी हल्की लिसलिसी बनती है। कम चिपचिपापन चाहिए तो पत्तियाँ मोटी काटें और तेज़ आँच पर थोड़ी देर भूनें; खट्टेपन के लिए आखिर में थोड़ा इमली का रस या टमाटर डालें।
मालाबार पालक की सब्ज़ी कितनी देर पकानी चाहिए?
पत्तियाँ और नरम डंठल काटकर लहसुन, प्याज़ और मसालों के साथ मध्यम आँच पर ढककर करीब 5–8 मिनट पकाएँ। डंठल मोटे हों तो उन्हें पहले 2–3 मिनट भूनें, फिर पत्तियाँ डालें।
मालाबार पालक खरीदते समय ताज़ा पत्तियाँ कैसे पहचानें और उन्हें कैसे रखें?
ऐसी गड्डी चुनें जिसकी पत्तियाँ चमकीली, भरी हुई और बिना पीले या गलते धब्बों की हों; डंठल भी कुरकुरे दिखें। बिना धोए पत्तों को सूखे कपड़े या कागज़ में लपेटकर फ्रिज की सब्ज़ी वाली दराज़ में रखें और कुछ दिनों के भीतर इस्तेमाल करें; धोने के बाद अच्छी तरह सुखाएँ।
मालाबार पालक से कौन-से पकवान बनते हैं और इसके साथ क्या अच्छा लगता है?
इसे लहसुन और सूखी मछली के साथ भून सकते हैं, या नारियल और इमली वाली करी में पका सकते हैं। बंगाली पुई शाक चচ্চড়ি में इसे कद्दू, बैंगन या आलू के साथ पकाया जाता है; चावल के साथ इसका स्वाद खूब जमता है।
मालाबार पालक की जगह कौन-सी पत्तेदार सब्ज़ी इस्तेमाल कर सकते हैं?
पालक सबसे आसान विकल्प है, खासकर दाल, करी या भुजिया में; वह मालाबार पालक जितना गाढ़ापन नहीं देगा। सूप या नारियल वाली करी में न्यूजीलैंड पालक भी चल सकता है, लेकिन उसका स्वाद और पकने का समय थोड़ा अलग होगा।
क्या मालाबार पालक कच्चा खा सकते हैं?
हाँ, इसकी कोमल पत्तियाँ सलाद में कच्ची खाई जा सकती हैं। मिट्टी हटाने के लिए पत्तियों और डंठलों को बहते पानी में अच्छी तरह धोएँ और सलाद में डालने से पहले सुखा लें।
मालाबार पालक और आम पालक में क्या फर्क है?
मालाबार पालक की पत्तियाँ मोटी और रसीली होती हैं, और पकने पर उनका गाढ़ापन करी को बाँधता है; आम पालक जल्दी गलकर नरम हो जाता है। इसलिए ऐसी डिश में मालाबार पालक चुनें जहाँ पत्तों का आकार और हल्का चिपचिपापन काम आए।
स्रोत: USDA FoodData Central 169400 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर