पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 45 kcal —
- प्रोटीन 2.7 g 5%
- कार्बोहाइड्रेट 5.7 g 2%
- वसा 0.7 g 1%
- संतृप्त वसा 0.2 g 1%
- फ़ाइबर 3.5 g 13%
- शर्करा 0.7 g —
- सोडियम 76 mg 3%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 508 µg 56%
- विटामिन C 35 mg 39%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 3.4 mg 23%
- विटामिन K 778 µg 649%
- थायमिन (B1) 0.19 mg 16%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.26 mg 20%
- नायसिन (B3) 0.81 mg 5%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.08 mg 2%
- विटामिन B6 0.25 mg 15%
- फ़ोलेट (B9) 27 µg 7%
- विटामिन B12 0 µg 0%
- कोलीन 35.3 mg 6%
खनिज
- कैल्शियम 187 mg 14%
- आयरन 3.1 mg 17%
- मैग्नीशियम 36 mg 9%
- फ़ॉस्फ़ोरस 66 mg 5%
- पोटैशियम 397 mg 8%
- ज़िंक 0.41 mg 4%
- कॉपर 0.17 mg 19%
- मैंगनीज़ 0.34 mg 15%
- सेलेनियम 0.5 µg 1%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 45 | 2.7 g | 5.7 g | 0.7 g |
| 1 मात्रा | 55 g | 25 | 1.5 g | 3.1 g | 0.4 g |
| 2 मात्राएँ | 110 g | 50 | 3 g | 6.3 g | 0.8 g |
| ½ मात्रा | 27.5 g | 12 | 0.7 g | 1.6 g | 0.2 g |
| 3 मात्राएँ | 165 g | 74 | 4.5 g | 9.4 g | 1.2 g |
| 4 मात्राएँ | 220 g | 99 | 5.9 g | 13 g | 1.5 g |
| 50 g | 50 g | 23 | 1.4 g | 2.9 g | 0.4 g |
| 150 g | 150 g | 68 | 4.1 g | 8.6 g | 1.1 g |
| 200 g | 200 g | 90 | 5.4 g | 11 g | 1.4 g |
| 250 g | 250 g | 113 | 6.8 g | 14 g | 1.8 g |
मिलते-जुलते खाद्य पदार्थ
सिंहपर्णी के पत्ते के बारे में सवाल
सिंहपर्णी के पत्तों का स्वाद कड़वा हो तो क्या करें?
छोटे, कोमल पत्ते चुनें—वे आम तौर पर कम कड़वे होते हैं। बड़े पत्तों को उबलते पानी में 1–2 मिनट ब्लांच करके पानी फेंक दें, फिर लहसुन और तेल में भूनें; खट्टा नींबू या सिरका भी कड़वाहट को संतुलित करता है।
सिंहपर्णी के पत्ते कैसे पकाएँ?
पत्तों को अच्छी तरह धोकर मोटे डंठल काटें। पैन में तेल और लहसुन के साथ 5–7 मिनट भूनें, या उबलते पानी में 3–5 मिनट पकाकर छान लें; सूप और दाल में भी इन्हें आख़िरी कुछ मिनटों में डाल सकते हैं।
सिंहपर्णी के पत्ते कच्चे खा सकते हैं?
हाँ—कोमल पत्तों को सलाद में डालें या सैंडविच में रखें; तीखी कड़वाहट पसंद न हो तो पहले थोड़ी मात्रा से शुरू करें। जंगली पत्ते केवल ऐसी जगह से लें जहाँ उन पर कीटनाशक न छिड़का गया हो और कुत्तों के चलने की आशंका न हो; खाने से पहले कई बार धोएँ।
सिंहपर्णी के पत्ते कैसे चुनें और ताज़ा कैसे रखें?
चमकीले हरे, मुरझाए या पीले न पड़े पत्ते लें; बहुत मोटे डंठल वाले पत्ते अक्सर सख़्त होते हैं। बिना धोए पत्तों को कागज़ के तौलिये में ढीला लपेटकर फ्रिज की सब्ज़ी-दराज़ में रखें और कुछ दिनों में इस्तेमाल करें; धोने के बाद अच्छी तरह सुखाएँ।
सिंहपर्णी के पत्ते किन व्यंजनों में अच्छे लगते हैं?
इन्हें लहसुन के साथ भूनकर अंडे, आलू या बीन्स के साथ परोसें; दाल, सब्ज़ी के सूप और पास्ता में भी डाल सकते हैं। सलाद में नींबू, जैतून का तेल, अखरोट या कसा हुआ पनीर कड़वे स्वाद के साथ अच्छा मेल बनाते हैं।
क्या सिंहपर्णी के पत्तों की जगह पालक ले सकते हैं?
ले सकते हैं, खासकर सूप, भरावन और पकी हुई सब्ज़ियों में; पालक का स्वाद हल्का और बनावट नरम होती है, इसलिए वही कड़वापन नहीं मिलेगा। सलाद में कड़वे स्वाद के करीब विकल्प चाहिए तो अरुगुला इस्तेमाल करें।
सिंहपर्णी के पत्ते पोषण के लिहाज़ से किस बात के लिए जाने जाते हैं?
इनमें विटामिन A, C और K उल्लेखनीय मात्रा में होते हैं; विटामिन A के लिए मात्रा 508 µg और विटामिन C के लिए 35 mg है। एक मुट्ठी कच्चे कटे पत्ते, लगभग 55 g, सलाद या सूप में डालना आसान है।
स्रोत: USDA FoodData Central 169226 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर