पिलाटेस व्यायाम का तरीका क्या है?
पिलाटेस में धीमी, सोच-समझकर की गई गतिविधियों से पूरे शरीर पर नियंत्रण विकसित किया जाता है, खास ध्यान शरीर के मध्य हिस्से पर रहता है। इसे मैट पर या खास उपकरणों के साथ किया जा सकता है और अनुभव के अलग-अलग स्तरों के मुताबिक ढाला जा सकता है।
पिलाटेस कैसे काम करता है
पिलाटेस व्यायाम का ऐसा तरीका है जिसमें नियंत्रित गतिविधियों, नियमित सांस और शरीर की सही स्थिति पर ध्यान दिया जाता है। दोहराव जल्दी-जल्दी करने के बजाय, आप हर गतिविधि के एहसास पर ध्यान देते हैं और शरीर के बाकी हिस्से को स्थिर रखते हैं।

कई व्यायामों में पेट, पीठ, कूल्हों और पेल्विस के आसपास की मांसपेशियां साथ मिलकर काम करती हैं। शरीर को सहारा देने वाले इस मध्य हिस्से को अक्सर कोर कहा जाता है, लेकिन पिलाटेस में तालमेल के साथ पूरे शरीर को हिलाने के हिस्से के तौर पर पैरों, बांहों और कंधों की भी कसरत होती है।
एक सेशन में क्या-क्या हो सकता है
मैट पर किए जाने वाले सेशन में शरीर को गोल करना, हाथ-पैर फैलाना, धड़ को घुमाना, संतुलन बनाना और धड़ को नियंत्रित रखते हुए हाथ-पैर हिलाना शामिल हो सकता है। कुछ गतिविधियां छोटी और सूक्ष्म होती हैं, जबकि कुछ में शरीर को ज्यादा दायरे में हिलाया जाता है या गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध एक स्थिति बनाए रखी जाती है।

उपकरणों के साथ पिलाटेस में सहारा या प्रतिरोध देने के लिए स्प्रिंग, स्ट्रैप और चलने वाले प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किए जाते हैं। व्यायाम और उनका कठिनाई स्तर प्रशिक्षक, प्रोग्राम और व्यक्ति की क्षमता के अनुसार बदलते हैं, इसलिए सेशन तेज रफ्तार वाले जिम वर्कआउट से काफी अलग लग सकता है।
मुख्य सिद्धांत
सांस, एकाग्रता, सटीकता और नियंत्रण इस तरीके के मुख्य आधार हैं। आमतौर पर मकसद हर दोहराव को पूरी सजगता से करना होता है, न कि जितना हो सके उतने दोहराव पूरे करना।

व्यायाम का सही तरीका, उसे बड़ा या मुश्किल दिखाने से ज्यादा अहम है। ज्यादा दायरे, गति या प्रतिरोध के लिए जोर लगाने के बजाय, आसान रूप को स्थिर नियंत्रण के साथ करना ज्यादा उपयुक्त हो सकता है।
खाने-पीने की ट्रैकिंग में पिलाटेस को कैसे शामिल करें
पिलाटेस में भी ऊर्जा खर्च होती है, लेकिन इसकी मात्रा आपके शरीर, सेशन की अवधि और शैली, प्रयास के स्तर और बीच में मिलने वाले आराम पर निर्भर करती है। घड़ी, मशीन या ट्रैकिंग ऐप से व्यायाम में खर्च हुई ऊर्जा का सिर्फ अनुमान मिलता है, इसलिए उसके आंकड़े को सटीक मात्रा नहीं, बल्कि एक मोटा अंदाजा मानें।

पिलाटेस दर्ज करते समय, गतिविधि के सबसे मिलते-जुलते विकल्प को चुनें और आने-जाने, तैयारी करने या बाद में आराम करने में लगा समय नहीं, बल्कि सेशन का असली समय दर्ज करें। हर सेशन में एक ही तरीका अपनाएं, ताकि समय के साथ खाने-पीने और गतिविधि के आपके रिकॉर्ड की तुलना करना आसान हो।