पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 71 kcal —
- प्रोटीन 0.2 g 0%
- कार्बोहाइड्रेट 0.1 g 0%
- वसा 0 g 0%
- संतृप्त वसा 0 g 0%
- फ़ाइबर 0 g 0%
- शर्करा 0.1 g —
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 71 | 0.2 g | 0.1 g | 0 g |
| 50 g | 50 g | 36 | 0.1 g | 0.1 g | 0 g |
| 150 g | 150 g | 107 | 0.3 g | 0.2 g | 0 g |
| 200 g | 200 g | 142 | 0.4 g | 0.2 g | 0 g |
| 250 g | 250 g | 178 | 0.5 g | 0.3 g | 0 g |
सफ़ेद वाइन के बारे में सवाल
सफ़ेद वाइन किस तापमान पर परोसनी चाहिए?
हल्की और ताज़गीभरी सफ़ेद वाइन को लगभग 7–10 °C पर, और गाढ़ी, ओक में पकाई हुई शैली को 10–13 °C पर परोसें। बोतल को पहले से ठंडा करें; गिलास में बर्फ डालने से स्वाद फीका पड़ता है।
खुली हुई सफ़ेद वाइन कितने दिन तक रख सकते हैं?
बोतल का ढक्कन कसकर बंद करके उसे फ्रिज में रखें और 3–5 दिनों के भीतर पी लें। स्पार्कलिंग सफ़ेद वाइन के लिए खास स्टॉपर लगाएँ; उसकी बुलबुलेदार ताज़गी जल्दी घटती है।
खाना पकाने में सफ़ेद वाइन कब डालनी चाहिए?
रिसोट्टो या पैन में पकाई मछली के लिए, प्याज़ भूनने के बाद वाइन डालें और शोरबा या दूसरी चीज़ें डालने से पहले उसे कुछ मिनट उबलने दें। इससे तेज़ अल्कोहल की गंध कम होती है और स्वाद पकवान में घुलता है।
सफ़ेद वाइन किन खाने के साथ अच्छी लगती है?
हल्की सफ़ेद वाइन भुनी या ग्रिल की हुई मछली, समुद्री खाने और सलाद के साथ अच्छी लगती है। थोड़ी गाढ़ी शैली क्रीमी पास्ता, चिकन और मशरूम वाले पकवानों के साथ जँचती है।
सफ़ेद वाइन किससे बनती है?
इसे हरे अंगूरों से ही नहीं, लाल या काले अंगूरों से भी बनाया जा सकता है। रस निकालने के बाद छिलके जल्दी अलग कर दिए जाते हैं, इसलिए उनका रंग वाइन में कम उतरता है।
शुष्क और मीठी सफ़ेद वाइन में क्या फ़र्क होता है?
शुष्क वाइन में किण्वन के बाद बची चीनी बहुत कम होती है, इसलिए स्वाद कम मीठा लगता है। मीठी शैली में ज़्यादा बची हुई चीनी रहती है; बोतल पर “ड्राई” या “स्वीट” लिखा हो तो चुनाव आसान होता है।
खाना पकाते समय सफ़ेद वाइन की जगह क्या डाल सकते हैं?
अगर अल्कोहल नहीं डालना चाहते, तो बिना नमक का सब्ज़ी या चिकन शोरबा डालें और आखिर में थोड़ा नींबू का रस मिलाएँ। सॉस में खट्टापन चाहिए तो थोड़ी सफ़ेद वाइन सिरका भी काम आता है, लेकिन वह अधिक तीखा होता है।
क्या पकाने से सफ़ेद वाइन का सारा अल्कोहल उड़ जाता है?
नहीं, पकाने पर अल्कोहल कम होता है, पर हर बार पूरी तरह नहीं निकलता। थोड़ी देर उबाली गई सॉस में भी कुछ अल्कोहल रह सकता है; अल्कोहल से पूरी तरह बचना हो तो उसकी जगह शोरबा और नींबू का रस लें।
स्रोत: ausnut F009588 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर