पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 525 kcal —
- प्रोटीन 18 g 36%
- कार्बोहाइड्रेट 8.6 g 3%
- वसा 42 g 53%
- संतृप्त वसा 4.5 g 23%
- फ़ाइबर 20 g 70%
- शर्करा 3 g —
- सोडियम 26 mg 1%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 0 µg 0%
- विटामिन C 1 mg 1%
- विटामिन D 0 µg 0%
- विटामिन E 1.8 mg 12%
- विटामिन K 0 µg 0%
- थायमिन (B1) 0.85 mg 71%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.1 mg 8%
- नायसिन (B3) 0.9 mg 6%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.32 mg 6%
- विटामिन B6 0.25 mg 15%
- फ़ोलेट (B9) 82 µg 21%
- विटामिन B12 0 µg 0%
- कोलीन 8.8 mg 2%
खनिज
- कैल्शियम 1438 mg 111%
- आयरन 9.8 mg 54%
- मैग्नीशियम 347 mg 83%
- फ़ॉस्फ़ोरस 870 mg 70%
- पोटैशियम 719 mg 15%
- ज़िंक 7.9 mg 72%
- कॉपर 1.6 mg 181%
- मैंगनीज़ 6.7 mg 292%
- सेलेनियम 13.5 µg 25%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 525 | 18 g | 8.6 g | 42 g |
| 1 मात्रा | 2.8 g | 15 | 0.5 g | 0.2 g | 1.2 g |
| 2 मात्राएँ | 5.6 g | 29 | 1 g | 0.5 g | 2.3 g |
| ½ मात्रा | 1.4 g | 7 | 0.3 g | 0.1 g | 0.6 g |
| 3 मात्राएँ | 8.4 g | 44 | 1.5 g | 0.7 g | 3.5 g |
| 4 मात्राएँ | 11.2 g | 59 | 2 g | 1 g | 4.7 g |
| 50 g | 50 g | 263 | 9 g | 4.3 g | 21 g |
| 150 g | 150 g | 788 | 27 g | 13 g | 62 g |
| 200 g | 200 g | 1050 | 36 g | 17 g | 83 g |
| 250 g | 250 g | 1313 | 45 g | 22 g | 104 g |
खसखस के बारे में सवाल
खसखस को पीसने से पहले भिगोना चाहिए?
ग्रेवी या भरावन के लिए इसे गरम पानी में लगभग आधे घंटे भिगोकर पानी छानें, फिर थोड़े पानी के साथ बारीक पीसें। इससे पेस्ट जल्दी और चिकना बनता है।
खसखस को भूनने का सही तरीका क्या है?
सूखी कड़ाही में धीमी आँच पर दो-तीन मिनट चलाते हुए भूनें; रंग गहरा होने या धुआँ उठने से पहले उतार लें। भूनने के बाद इसे ठंडा करके पीसें, वरना गरमी से तेल निकलकर पेस्ट चिपचिपा हो सकता है।
खसखस किन सब्ज़ियों या करी में डालते हैं?
प्याज़, अदरक और मसालों के साथ पीसा हुआ खसखस आलू, फूलगोभी या चिकन की करी को गाढ़ा और हल्का मेवेदार स्वाद देता है। बंगाली आलू पोस्तो में इसका पेस्ट मुख्य स्वाद है।
खसखस से कौन-सी मिठाइयाँ और पेय बनते हैं?
खसखस को भिगोकर पीसकर हलवे में डाल सकते हैं या दूध, मेवे और मसालों वाली ठंडाई में मिला सकते हैं। साबुत दाने ब्रेड और दूसरे बेक किए हुए पकवानों पर भी छिड़के जाते हैं।
खसखस को लंबे समय तक ताज़ा कैसे रखें?
इसे सूखे, साफ़, हवा-बंद डिब्बे में रखकर ठंडी और अँधेरी अलमारी में रखें। इसकी प्राकृतिक चिकनाई के कारण गरम जगह पर रखा खसखस जल्दी बासी गंध दे सकता है; ज़्यादा समय के लिए इसे फ्रिज में रखें।
खसखस का पेस्ट न हो तो करी में क्या डालें?
गाढ़ापन देने के लिए काजू का पेस्ट इस्तेमाल करें; स्वाद थोड़ा मीठा और मेवेदार होगा। तिल का पेस्ट भी चल सकता है, लेकिन उसका स्वाद अधिक तेज़ और अलग होता है।
खसखस का तेल और खसखस के बीज एक जैसे होते हैं?
नहीं। खसखस के बीज साबुत या पीसकर पकवानों में डाले जाते हैं, जबकि खसखस का तेल बीजों से निकला तेल है और उसमें फाइबर या प्रोटीन नहीं होता; दोनों को एक-दूसरे की जगह सीधे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
स्रोत: USDA FoodData Central 171330 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर