पोषण संबंधी जानकारी

प्रति 100 g% दैनिक मान
  • प्रोटीन 0.1 g 0%
  • कार्बोहाइड्रेट 0 g 0%
  • वसा 0.2 g 0%
  • संतृप्त वसा 0.1 g 0%
  • फ़ाइबर 0 g 0%

परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी

परोसने की मात्रावज़नकैलोरीप्रोटीनकार्ब्सवसा
100 g100 g–0.1 g0 g0.2 g
50 g50 g–0.1 g0 g0.1 g
150 g150 g–0.2 g0 g0.3 g
200 g200 g–0.2 g0 g0.4 g
250 g250 g–0.3 g0 g0.5 g

डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी के बारे में सवाल

क्या डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी में बिल्कुल कैफीन नहीं होता?

नहीं, डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी में थोड़ी कैफीन रह सकती है; मात्रा बीन्स और कैफीन निकालने की विधि के अनुसार बदलती है। इसे पूरी तरह कैफीन-मुक्त पेय न मानें।

डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी घर पर कैसे बनाएं?

फ़िल्टर कॉफ़ी के लिए मध्यम पिसी कॉफ़ी पर 90–96 °C का पानी डालें और लगभग 3–4 मिनट में छान लें। फ़्रेंच प्रेस में भी इसी तापमान के पानी में कॉफ़ी को 4 मिनट रखकर प्लंजर दबाएं।

डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी के बीन्स या पाउडर खरीदते समय क्या देखें?

अगर आप ताज़ा स्वाद चाहते हैं, तो साबुत डिकैफ़ीनेटेड बीन्स लेकर पीसने से ठीक पहले पीसें। पिसी कॉफ़ी लेते समय पैकेट पर देखें कि वह ब्रू करने के लिए है या इंस्टेंट—दोनों एक तरह से नहीं बनतीं।

डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी को कैसे रखें ताकि उसकी खुशबू बनी रहे?

बीन्स या पिसी कॉफ़ी को कसकर बंद डिब्बे में, गर्मी, नमी और धूप से दूर रखें। पी हुई कॉफ़ी को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न छोड़ें; बची हुई कॉफ़ी ढककर फ्रिज में रखें और अगले दिन तक इस्तेमाल करें।

क्या डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी को दोबारा गरम कर सकते हैं?

हाँ, इसे मग में माइक्रोवेव या छोटे पैन में धीमी आँच पर गरम करें, लेकिन उबालने से स्वाद कड़वा हो सकता है। स्वाद बेहतर रखने के लिए उतनी ही मात्रा बनाएं जितनी आप तुरंत पीएँगे।

डिकैफ़ीनेटेड ब्रू की हुई कॉफ़ी और इंस्टेंट डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी में क्या फ़र्क है?

ब्रू की हुई कॉफ़ी को पिसी कॉफ़ी से फ़िल्टर, पोर-ओवर या फ़्रेंच प्रेस में बनाया जाता है; इंस्टेंट कॉफ़ी के दानों को गर्म पानी में घोलते हैं। जल्दी पेय बनाने के लिए इंस्टेंट आसान है, जबकि ब्रू करने की विधि से स्वाद और गाढ़ापन बदल सकते हैं।

डिकैफ़ीनेटेड कॉफ़ी किन मिठाइयों में इस्तेमाल कर सकते हैं?

इसे नियमित कॉफ़ी की जगह तिरामिसू, कॉफ़ी केक या ब्राउनी में डालें। तिरामिसू के लिए लेडीफ़िंगर बिस्कुट को ठंडी कॉफ़ी में जल्दी डुबोएँ—ज़्यादा देर रखने पर वे टूटकर गीले हो सकते हैं।

स्रोत: BEDCA (Spain) 2067 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर