पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 386 kcal —
- प्रोटीन 9.7 g 19%
- कार्बोहाइड्रेट 59 g 21%
- वसा 5.2 g 7%
- संतृप्त वसा 0.8 g 4%
- फ़ाइबर 17 g 59%
- शर्करा 6.5 g —
- सोडियम 4 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन C 0 mg 0%
- विटामिन E 0 mg 0%
- विटामिन K 0.8 µg 1%
- थायमिन (B1) 0.08 mg 7%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.07 mg 5%
- नायसिन (B3) 3.3 mg 21%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.3 mg 6%
- विटामिन B6 0.29 mg 17%
- फ़ोलेट (B9) 100 µg 25%
खनिज
- कैल्शियम 14 mg 1%
- आयरन 2.3 mg 13%
- मैग्नीशियम 123 mg 29%
- फ़ॉस्फ़ोरस 312 mg 25%
- पोटैशियम 532 mg 11%
- ज़िंक 3.2 mg 29%
- कॉपर 0.23 mg 26%
- मैंगनीज़ 0.93 mg 40%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 386 | 9.7 g | 59 g | 5.2 g |
| 50 g | 50 g | 193 | 4.9 g | 29 g | 2.6 g |
| 150 g | 150 g | 579 | 15 g | 88 g | 7.8 g |
| 200 g | 200 g | 772 | 19 g | 117 g | 10 g |
| 250 g | 250 g | 965 | 24 g | 147 g | 13 g |
सफेद मकई के बारे में सवाल
सूखे सफेद मकई के दाने नरम कैसे पकाएँ?
दाने रातभर पानी में भिगोएँ, फिर पानी बदलकर ताज़े पानी में धीमी आँच पर पकाएँ। आम तौर पर 1½–2½ घंटे लग सकते हैं; दाना उँगलियों से दबाने पर नरम हो जाए तो तैयार है।
सफेद मकई से होमिनी कैसे बनती है?
होमिनी बनाने के लिए सूखे दानों को खाने योग्य चूने के पानी में पकाया जाता है, फिर अच्छी तरह धोकर छिलके हटाए जाते हैं और दोबारा नरम होने तक उबाला जाता है। चूने की सही मात्रा और पकाने की विधि अपनाएँ; बिना जानकारी के कास्टिक सोडा इस्तेमाल न करें।
सफेद मकई से कौन-से व्यंजन बनते हैं?
पके दानों से गाढ़ा दलिया, सूप और स्ट्यू बनाए जा सकते हैं; दरदरा पीसकर पोलेंटा जैसी खिचड़ी या कॉर्नमील की रोटी बनती है। होमिनी का इस्तेमाल पोज़ोले जैसे सूप में भी होता है।
सफेद मकई और सफेद मीठी मकई में क्या फर्क है?
सफेद मकई के सूखे दाने सख़्त होते हैं और भिगोकर लंबे समय तक पकाने या पीसने के काम आते हैं। सफेद मीठी मकई ताज़ी और रसदार होती है; उबली हुई सफेद मीठी मकई में 97 kcal प्रति 100 g होते हैं, जबकि सफेद मकई में 386 kcal प्रति 100 g हैं।
सफेद मकई को घर पर कैसे पीसें?
सूखे दाने साफ़ और पूरी तरह सूखे हों; उन्हें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ग्राइंडर या अनाज की चक्की में पीसें। बारीक आटा चाहिए तो छानकर मोटे कण फिर पीस लें; सामान्य मिक्सर में बहुत सख़्त दाने डालने से ब्लेड पर ज़ोर पड़ सकता है।
सूखी सफेद मकई को कैसे रखें?
दाने पूरी तरह सूखे हों तो उन्हें हवा-बंद डिब्बे में, ठंडी और सूखी जगह पर रखें। नमी या कीड़े दिखें तो दाने न इस्तेमाल करें; पका हुआ मक्का फ्रिज में बंद डिब्बे में रखें और कुछ दिनों में खा लें।
क्या सफेद मकई कच्ची खाई जा सकती है?
सूखे सफेद मकई के दाने कच्चे खाने के लिए नहीं हैं—वे बहुत सख़्त होते हैं और उन्हें भिगोकर अच्छी तरह पकाना चाहिए। पकने के बाद भी छोटे बच्चों को साबुत दाने देने के बजाय मसलकर या नरम दलिये के रूप में दें।
सफेद मकई में कौन-सा पोषक तत्व खास तौर पर मिलता है?
इसमें फाइबर भरपूर है: 100 g में 17 g फाइबर होता है। पकाने के बाद आप इसे दाल, सब्ज़ियों या बीन्स के साथ मिलाकर खिचड़ी जैसा भरपूर व्यंजन बना सकते हैं।
स्रोत: USDA FoodData Central 168037 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर