पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 40 kcal —
- प्रोटीन 3.2 g 6%
- कार्बोहाइड्रेट 8.8 g 3%
- वसा 0.9 g 1%
- संतृप्त वसा 0.2 g 1%
- फ़ाइबर 2.6 g 9%
- सोडियम 1 mg 0%
- कोलेस्ट्रॉल 0 mg 0%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 0 µg 0%
- विटामिन C 0 mg 0%
- विटामिन D 0 µg 0%
- थायमिन (B1) 0.16 mg 13%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.03 mg 3%
- नायसिन (B3) 0.14 mg 1%
- पैंटोथेनिक एसिड (B5) 0.22 mg 4%
- विटामिन B6 0.03 mg 1%
- फ़ोलेट (B9) 6 µg 2%
- विटामिन B12 0 µg 0%
खनिज
- कैल्शियम 10 mg 1%
- आयरन 0.88 mg 5%
- मैग्नीशियम 40 mg 10%
- फ़ॉस्फ़ोरस 119 mg 10%
- पोटैशियम 92 mg 2%
- ज़िंक 0.53 mg 5%
- कॉपर 0.07 mg 7%
- मैंगनीज़ 0.96 mg 42%
- सेलेनियम 7.7 µg 14%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 40 | 3.2 g | 8.8 g | 0.9 g |
| 1 मात्रा | 219 g | 88 | 7 g | 19 g | 1.9 g |
| 2 मात्राएँ | 438 g | 175 | 14 g | 39 g | 3.8 g |
| ½ मात्रा | 109.5 g | 44 | 3.5 g | 9.7 g | 0.9 g |
| 3 मात्राएँ | 657 g | 263 | 21 g | 58 g | 5.7 g |
| 4 मात्राएँ | 876 g | 350 | 28 g | 77 g | 7.5 g |
| 50 g | 50 g | 20 | 1.6 g | 4.4 g | 0.4 g |
| 150 g | 150 g | 60 | 4.8 g | 13 g | 1.3 g |
| 200 g | 200 g | 80 | 6.4 g | 18 g | 1.7 g |
| 250 g | 250 g | 100 | 8 g | 22 g | 2.2 g |
मिलते-जुलते खाद्य पदार्थ
جई की भूसी के बारे में सवाल
जई की भूसी को दलिया में कैसे पकाएँ?
एक भाग जई की भूसी में करीब चार भाग पानी या दूध डालें और धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए 3–5 मिनट पकाएँ। गाढ़ा होने पर आँच बंद करें; ठंडा होते ही यह और गाढ़ी हो जाती है।
जई की भूसी को नाश्ते में और किन तरीकों से खा सकते हैं?
इसे दही में मिलाएँ, या स्मूदी और पैनकेक के घोल में एक-दो चम्मच डालें। गरम दलिया में दालचीनी, फल या मेवे अच्छे लगते हैं; नमकीन रूप में इसे सूप गाढ़ा करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
बेकिंग में जई की भूसी को मैदे की जगह रख सकते हैं?
पूरी तरह नहीं—इसमें ग्लूटेन नहीं होता और यह मैदे से ज्यादा नमी सोखती है। ब्रेड, मफिन या पैनकेक के घोल में थोड़ी मात्रा मिलाएँ; पूरी मात्रा बदलने पर बनावट भारी और सूखी हो सकती है।
जई की भूसी और गेहूँ के चोकर में क्या फर्क है?
गेहूँ के चोकर में रेशा कहीं अधिक है: प्रति 100 ग्राम में 42.8 ग्राम, जबकि जई की भूसी में 2.6 ग्राम है। जई की भूसी का स्वाद हल्का और बनावट महीन होती है, इसलिए इसे दलिया और बेकिंग में मिलाना आसान रहता है।
जई की भूसी को खोलने के बाद कैसे रखें?
इसे हवा बंद डिब्बे में, ठंडी और सूखी अलमारी में रखें; नमी से इसमें गांठें और बासी गंध आ सकती है। गर्म या नम मौसम में डिब्बा फ्रिज में रखने से ताजगी ज्यादा देर बनी रहती है।
जई की भूसी में कौन-सा खनिज खास तौर पर ज्यादा होता है?
इसमें मैंगनीज़ उल्लेखनीय मात्रा में है: 0.96 mg प्रति 100 ग्राम। इसे सिर्फ खनिज पाने के लिए बड़ी मात्रा में खाने की जरूरत नहीं—दलिया या बेकिंग में थोड़ी मात्रा मिलाना काफी है।
क्या जई की भूसी में ग्लूटेन होता है?
जई स्वाभाविक रूप से गेहूँ जैसा ग्लूटेन नहीं बनाती, लेकिन खेती और प्रसंस्करण में गेहूँ या जौ से मिलावट हो सकती है। ग्लूटेन से बचना जरूरी हो तो प्रमाणित ग्लूटेन-मुक्त जई की भूसी चुनें।
स्रोत: USDA FoodData Central 168873 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर