पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 74 kcal —
- प्रोटीन 12 g 24%
- कार्बोहाइड्रेट 5.5 g 2%
- वसा 0.5 g 1%
- फ़ाइबर 0 g 0%
- सोडियम 750 mg 33%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन C 0 mg 0%
- थायमिन (B1) 0.02 mg 2%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.03 mg 2%
- नायसिन (B3) 0.8 mg 5%
- फ़ोलेट (B9) 4 µg 1%
- विटामिन B12 1 µg 42%
खनिज
- कैल्शियम 26 mg 2%
- आयरन 0.2 mg 1%
- मैग्नीशियम 13 mg 3%
- फ़ॉस्फ़ोरस 100 mg 8%
- पोटैशियम 110 mg 2%
- ज़िंक 0.3 mg 3%
- कॉपर 0.07 mg 8%
- मैंगनीज़ 0.02 mg 1%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 74 | 12 g | 5.5 g | 0.5 g |
| 50 g | 50 g | 37 | 5.9 g | 2.8 g | 0.3 g |
| 150 g | 150 g | 111 | 18 g | 8.3 g | 0.8 g |
| 200 g | 200 g | 148 | 24 g | 11 g | 1 g |
| 250 g | 250 g | 185 | 30 g | 14 g | 1.3 g |
मछली के कोफ्ते के बारे में सवाल
मछली के कोफ्ते पकाते समय टूटने से कैसे बचाएँ?
मछली का कीमा अच्छी तरह निचोड़ें और उसमें थोड़ा बेसन या ब्रेडक्रम्ब मिलाएँ। गोले बनाकर उन्हें लगभग २० मिनट ठंडा करें, फिर मध्यम आँच पर तलें या ग्रेवी में डालें।
मछली के कोफ्ते ग्रेवी में कितनी देर पकाएँ?
अगर कोफ्ते पहले से पके या तले हुए हैं, तो उन्हें परोसने से ५–७ मिनट पहले ग्रेवी में डालें और हल्के हाथ से चलाएँ। कच्चे मछली के कीमे के कोफ्तों को धीमी आँच पर करीब ८–१० मिनट पकाएँ, जब तक वे भीतर तक अपारदर्शी न हो जाएँ।
मछली के कोफ्ते किन व्यंजनों में डाल सकते हैं?
इन्हें मसालेदार टमाटर या नारियल की ग्रेवी में डालकर कोफ्ता करी बनाएँ। ये पुलाव या बिरयानी के साथ भी अच्छे लगते हैं; चावल डालने से पहले करी के कोफ्ते ऊपर रखें ताकि वे टूटें नहीं।
बचे हुए मछली के कोफ्ते कैसे रखें और दोबारा गरम करें?
पके कोफ्तों को ठंडा करके ढक्कन वाले डिब्बे में फ्रिज में रखें और ३–४ दिनों के भीतर खा लें। गरम करते समय उन्हें ग्रेवी में धीमी आँच पर तब तक रखें, जब तक वे बीच तक गरम न हो जाएँ।
मछली के कोफ्तों की जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
करी में मछली के कोफ्तों की जगह चिकन के छोटे मीटबॉल या पनीर के गोले डाल सकते हैं। चिकन को पूरी तरह पकाएँ; पनीर के गोले ग्रेवी में आखिर में डालें, क्योंकि देर तक उबालने पर वे टूट सकते हैं।
मछली के कोफ्ते और मछली के गोले में क्या फर्क है?
नाम कई जगह एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल होते हैं। आम तौर पर कोफ्ते मसालेदार कीमे के गोले होते हैं जिन्हें तलकर करी में डाला जाता है, जबकि मछली के गोले अक्सर उबालकर या भाप में पकाए जाते हैं।
क्या मछली के कोफ्ते कच्चे खाए जा सकते हैं?
नहीं—मछली के कीमे के कोफ्ते पूरी तरह पकाकर ही खाएँ। कच्चे कीमे में हानिकारक जीवाणु हो सकते हैं; पकने पर उनका बीच का हिस्सा भी अपारदर्शी होना चाहिए।
स्रोत: CoFID (UK) 16-279 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर