सीटेड चेस्ट प्रेस मशीन का इस्तेमाल कैसे करें
सीटेड चेस्ट प्रेस से छाती, कंधों और ऊपरी बाजुओं के पिछले हिस्से की कसरत करना आसान है। अच्छे नतीजों के लिए ज़्यादा वज़न जोड़ने के बजाय मशीन को अपने शरीर के अनुसार एडजस्ट करें।
सीट और हैंडल सेट करें
सीट को इस तरह एडजस्ट करें कि हैंडल आपकी छाती के बीच वाले हिस्से के लगभग बराबर ऊँचाई पर हों। दोनों पैर ज़मीन पर सपाट रखें और पीठ व सिर को आराम से पैड से टिकाएँ।

ऐसा वज़न चुनें जिसे बिना ज़ोर लगाए और अपनी सही मुद्रा बनाए रखते हुए उठा सकें। हैंडल को सीधी कलाई से पकड़ें और कोहनियों को कंधों की ऊँचाई से थोड़ा नीचे रखें; उन्हें बगल की ओर बहुत ऊपर न फैलाएँ।
नियंत्रण के साथ प्रेस करें
धड़ को हल्का कसें, कंधों को नीचे रखें और हैंडल को आगे की ओर धकेलें। कोहनियों को ज़ोर से लॉक किए बिना और कंधों को पैड से उठाए बिना बाजुओं को सीधा करें।

सामने की ओर पहुँचकर थोड़ी देर रुकें, फिर हैंडल को धीरे-धीरे वापस आने दें, जब तक छाती में आरामदायक खिंचाव महसूस न हो। वज़न को नियंत्रण में रखें; मशीन को अपनी बाजुओं को पीछे की ओर न खींचने दें।
तकनीक की आम गलतियों से बचें
पीठ के निचले हिस्से को न मोड़ें, सिर को आगे न धकेलें और हैंडल को दूर धकेलने के लिए पैरों का इस्तेमाल न करें। अगर ऐसा हो, तो आगे बढ़ने से पहले वज़न कम करें या सीट एडजस्ट करें।

सिर्फ़ ज़्यादा वज़न उठाने के लिए मूवमेंट का दायरा छोटा न करें। नियंत्रण बनाए रखते हुए जितनी बड़ी और आरामदायक रेंज में मूवमेंट कर सकें, उतनी करें। अगर तेज़ दर्द हो या जोड़ों को स्थिर स्थिति में न रख पा रहे हों, तो सेट रोक दें।
अपने वर्कआउट का रिकॉर्ड रखें और धीरे-धीरे प्रगति करें
अपने ट्रेनिंग लॉग में मशीन की सेटिंग, वज़न, रेप्स और सेट दर्ज करें। मशीनों के वज़न और लीवर सिस्टम अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपनी प्रगति की तुलना उसी मशीन पर करें; हर वेट स्टैक को एक जैसा न मानें।
चुनौती तभी बढ़ाएँ जब शुरू से आखिर तक आपके रेप्स सहज और नियंत्रित रहें। सेट और रेप्स की सही संख्या आपके अनुभव, रिकवरी और पूरे ट्रेनिंग प्रोग्राम पर निर्भर करती है, इसलिए किसी और के आँकड़ों की नकल करने से ज़्यादा अहम नियमितता है।