रेपिटिशन मैक्सिमम और 1RM को आसान भाषा में समझें
रेपिटिशन मैक्सिमम उस सबसे भारी वजन को बताता है जिसे आप तय संख्या में सही तरीके से उठा सकते हैं। 1RM इसी का एक रेपिटिशन वाला रूप है।
रेपिटिशन मैक्सिमम का मतलब
रेपिटिशन मैक्सिमम को अक्सर RM कहा जाता है। यह वजन को उस संख्या से जोड़ता है, जितनी बार आप उसे सही तरीके से उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपका 5RM वह सबसे भारी वजन है जिसे आप फॉर्म बिगाड़े बिना, नियंत्रण के साथ पांच बार उठा सकते हैं।
RM से पहले लिखी संख्या उसका मतलब बदल देती है। कम रेपिटिशन वाला RM आम तौर पर ज्यादा भारी वजन से जुड़ा होता है, जबकि ज्यादा रेपिटिशन वाले RM के लिए आम तौर पर हल्का वजन चाहिए। सही वजन व्यक्ति, एक्सरसाइज और उसकी मौजूदा स्थिति पर निर्भर करता है।
अपने 1RM को समझें
आपका वन-रेपिटिशन मैक्सिमम, यानी 1RM, वह सबसे भारी वजन है जिसे आप सही तकनीक के साथ एक बार उठा सकते हैं। यह हर एक्सरसाइज के लिए अलग होता है, इसलिए स्क्वाट का 1RM आपको प्रेस के 1RM के बारे में सीधे कुछ नहीं बताता।
1RM का स्कोर हमेशा एक जैसा नहीं रहता। अभ्यास, नींद, खाना, तनाव, रिकवरी और मूवमेंट करने के तरीके से यह बदल सकता है। उपकरण और मूवमेंट की रेंज का भी नतीजे पर असर पड़ सकता है, इसलिए तुलना के लिए एक जैसी परिस्थितियों में इसे मापना ज्यादा उपयोगी होता है।
इसे जांचना और अनुमान लगाना
सीधे 1RM टेस्ट में वजन धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है, जब तक कि आप सबसे भारी वजन को एक बार सफलतापूर्वक न उठा लें। अगर आप उस मूवमेंट से परिचित नहीं हैं, तो यह टेस्ट न करें। बार वाली एक्सरसाइज के लिए सही सेफ्टी सपोर्ट या अनुभवी स्पॉटर की जरूरत भी हो सकती है।
आप सबसे भारी वजन को एक बार उठाने की कोशिश करने के बजाय, कई रेपिटिशन वाले चुनौतीपूर्ण सेट से भी 1RM का अनुमान लगा सकते हैं। अलग-अलग गणना विधियों से अलग जवाब मिल सकते हैं, इसलिए नतीजे को सटीक तथ्य के बजाय कामचलाऊ मार्गदर्शन मानें। अनुमान के साथ एक्सरसाइज, वजन, रेपिटिशन और तकनीक से जुड़ी टिप्पणियां भी दर्ज करें।
अपने फूड लॉग के साथ RM का इस्तेमाल
ट्रेनिंग प्रोग्राम में काम के वजन चुनने और प्रगति पर नजर रखने के लिए RM वैल्यू का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप रेपिटिशन रेंज भी तय कर सकते हैं और वजन इस तरह बदल सकते हैं कि आखिरी रेपिटिशन चुनौतीपूर्ण लगें, लेकिन आपकी तकनीक स्थिर रहे।
चूंकि आप पहले से अपने खाने का हिसाब रखते हैं, इसलिए RM के रिकॉर्ड से ट्रेनिंग प्रदर्शन में बदलाव को समझने में मदद मिल सकती है। किसी एक खाने या एक दिन को वजह मानने के बजाय बड़े पैटर्न देखें और नींद, ट्रेनिंग वॉल्यूम और रिकवरी जैसे कारकों को भी नोट करें। कैलोरी की जरूरत और सही ट्रेनिंग लोड हर व्यक्ति के लिए अलग होते हैं, इसलिए न तो अपने फूड लॉग और न ही 1RM को अकेले देखकर समझना चाहिए।