पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 151 kcal —
- प्रोटीन 22 g 44%
- कार्बोहाइड्रेट 0 g 0%
- वसा 7 g 9%
- संतृप्त वसा 1.6 g 8%
- फ़ाइबर 0 g 0%
- शर्करा 0 g —
- सोडियम 70.1 mg 3%
- कोलेस्ट्रॉल 57.1 mg 19%
विटामिन और खनिज
प्रति 100 g% दैनिक मानविटामिन
- विटामिन A 23.8 µg 3%
- विटामिन C 0 mg 0%
- विटामिन D 3.6 µg 18%
- विटामिन E 1.3 mg 9%
- विटामिन K 6.9 µg 6%
- थायमिन (B1) 0.03 mg 3%
- राइबोफ़्लेविन (B2) 0.06 mg 5%
- नायसिन (B3) 4.3 mg 27%
- विटामिन B6 0.22 mg 13%
- फ़ोलेट (B9) 18.5 µg 5%
- विटामिन B12 1.5 µg 61%
खनिज
- कैल्शियम 11.8 mg 1%
- आयरन 0.62 mg 3%
- मैग्नीशियम 29.7 mg 7%
- फ़ॉस्फ़ोरस 187 mg 15%
- पोटैशियम 332 mg 7%
- ज़िंक 0.37 mg 3%
- कॉपर 0.08 mg 9%
- मैंगनीज़ 0.04 mg 2%
- सेलेनियम 45.8 µg 83%
- आयोडीन 4.6 µg 3%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 151 | 22 g | 0 g | 7 g |
| 50 g | 50 g | 76 | 11 g | 0 g | 3.5 g |
| 150 g | 150 g | 227 | 33 g | 0 g | 11 g |
| 200 g | 200 g | 302 | 44 g | 0 g | 14 g |
| 250 g | 250 g | 378 | 55 g | 0 g | 18 g |
तिलापिया के बारे में सवाल
तिलापिया को पैन में कैसे पकाएँ ताकि वह सूखी न हो?
फ़िलेट को कागज़ से थपथपाकर सुखाएँ, नमक-मसाला लगाएँ और गरम तेल वाले पैन में मध्यम आँच पर हर तरफ़ लगभग 3–4 मिनट पकाएँ। जब मछली अपारदर्शी हो जाए और काँटे से आसानी से परतों में टूटे, तब उतार लें।
तिलापिया को ओवन में कितनी देर पकाना चाहिए?
फ़िलेट को बेकिंग ट्रे में रखें, ऊपर थोड़ा तेल और नींबू लगाएँ और 200 °C पर लगभग 10–15 मिनट बेक करें। मोटे टुकड़े को थोड़ा अधिक समय लग सकता है; बीच का हिस्सा 63 °C तक पहुँचने पर मछली पक चुकी होती है।
तिलापिया के साथ कौन-से मसाले और चीज़ें अच्छी लगती हैं?
नींबू, लहसुन, काली मिर्च, जीरा और धनिया इसके हल्के स्वाद के साथ खूब जँचते हैं। इसे चावल, सब्ज़ियों या रोटी के साथ परोसें; टैको में भी पकी हुई तिलापिया अच्छी लगती है।
ताज़ी तिलापिया खरीदते समय क्या देखना चाहिए?
फ़िलेट नम और चमकदार दिखना चाहिए, उसमें तेज़ मछली जैसी या अमोनिया की गंध नहीं होनी चाहिए। पूरी मछली हो तो आँखें साफ़ और गलफड़े लाल दिखें; जमी हुई मछली लें तो पैकेट फटा हुआ या अंदर बर्फ़ के बड़े ढेले वाला न हो।
कच्ची तिलापिया खाना सुरक्षित है?
कच्ची या अधपकी तिलापिया में बीमारी फैलाने वाले कीटाणु हो सकते हैं, इसलिए इसे पकाकर खाना सबसे सुरक्षित है। पकाते समय भीतर का तापमान 63 °C तक पहुँचाएँ; साशिमी के लिए बनी मछली भी घर पर जोखिम-मुक्त नहीं होती।
पकी हुई तिलापिया को कैसे रखें और दोबारा गरम करें?
पकी मछली को पकाने के दो घंटे के भीतर ढके डिब्बे में फ्रिज में रखें और 3–4 दिन में खा लें। दोबारा गरम करते समय धीमी आँच पर ढककर गरम करें, ताकि फ़िलेट सूखे नहीं; लंबे समय के लिए इसे फ्रीज़र में जमाएँ।
तिलापिया और पर्च मछली में क्या अंतर है?
प्रति 100 ग्राम तिलापिया में 22 g प्रोटीन होता है, जबकि पर्च मछली में 20.5 g। दोनों हल्के स्वाद वाली मछलियाँ हैं और फ़िलेट के तौर पर कई पकवानों में एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल की जा सकती हैं।
क्या तिलापिया सेलेनियम का अच्छा स्रोत है?
हाँ, तिलापिया सेलेनियम का अच्छा स्रोत है: 100 ग्राम में 45.8 µg सेलेनियम होता है। इसमें विटामिन B12 भी काफ़ी होता है—100 ग्राम में 1.5 µg।
स्रोत: Fineli (Finland) 33312 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर