पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 294 kcal —
- प्रोटीन 23 g 45%
- कार्बोहाइड्रेट 46 g 17%
- वसा 1.1 g 1%
- फ़ाइबर 17 g 61%
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 294 | 23 g | 46 g | 1.1 g |
| 50 g | 50 g | 147 | 11 g | 23 g | 0.6 g |
| 150 g | 150 g | 441 | 34 g | 69 g | 1.7 g |
| 200 g | 200 g | 588 | 45 g | 92 g | 2.3 g |
| 250 g | 250 g | 735 | 56 g | 115 g | 2.9 g |
मूंग के बारे में सवाल
साबुत मूंग पकाने से पहले कितनी देर भिगोनी चाहिए?
मूंग को अच्छी तरह धोकर 6–8 घंटे या रात भर पानी में भिगोएँ; इससे वह जल्दी और बराबर पकती है। पकाने से पहले भिगोने का पानी फेंक दें।
मूंग को नरम पकाने का आसान तरीका क्या है?
भीगी मूंग को ताज़े पानी में ढककर धीमी आँच पर लगभग 30–40 मिनट पकाएँ। प्रेशर कुकर में मध्यम आँच पर 2–3 सीटी आने दें, फिर भाप अपने आप निकलने दें।
मूंग से कौन-से आम पकवान बनाए जाते हैं?
साबुत मूंग से मूंग की खिचड़ी, राजस्थानी मूंग की दाल और अंकुरित मूंग की चाट बनती है। खिचड़ी के लिए चावल के साथ पकाएँ; दाल में अदरक, जीरा और लहसुन का तड़का खूब जँचता है।
मूंग को अंकुरित कैसे करें, और अंकुरित मूंग कच्ची खा सकते हैं?
भीगी मूंग का पानी छानकर उसे साफ़, नम कपड़े में ढकें और गर्म जगह पर 1–2 दिन रखें; बीच में धोकर फिर छान दें। अंकुरों को अच्छी तरह पकाकर खाना ज़्यादा सुरक्षित है—कच्चा खाने पर उनमें हानिकारक कीटाणु हो सकते हैं।
सूखी मूंग को लंबे समय तक कैसे रखें?
मूंग को पूरी तरह सूखी, ढक्कन वाली डिब्बी में रखें और उसे नमी, धूप तथा चूल्हे की गर्मी से दूर रखें। पकाई हुई मूंग को ठंडा करके बंद डिब्बे में फ्रिज में रखें और 3–4 दिन के भीतर इस्तेमाल करें।
मूंग न हो तो उसकी जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
दाल या खिचड़ी में साबुत मूंग की जगह साबुत मसूर ले सकते हैं; वह भी पककर नरम होती है, लेकिन उसका स्वाद थोड़ा मिट्टी जैसा और रंग गहरा रहता है। मूंग जितनी जल्दी पकाने के लिए मसूर को भिगोना ज़रूरी नहीं।
स्रोत: IFCT (India) B011 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर