पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 285 kcal —
- प्रोटीन 8 g 16%
- कार्बोहाइड्रेट 58 g 21%
- वसा 1.9 g 2%
- संतृप्त वसा 0.2 g 1%
- फ़ाइबर 2 g 7%
- शर्करा 3 g —
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 285 | 8 g | 58 g | 1.9 g |
| 50 g | 50 g | 143 | 4 g | 29 g | 1 g |
| 150 g | 150 g | 428 | 12 g | 87 g | 2.9 g |
| 200 g | 200 g | 570 | 16 g | 116 g | 3.8 g |
| 250 g | 250 g | 713 | 20 g | 145 g | 4.8 g |
फिलो आटा के बारे में सवाल
फिलो आटे की परतें कुरकुरी कैसे बनाएं?
हर परत पर पिघला मक्खन या तेल हल्के हाथ से लगाएं और बाकी आटा काम करते समय साफ़, थोड़े नम कपड़े से ढककर रखें—यह जल्दी सूखकर टूटता है। भरी हुई पेस्ट्री को पहले से गरम ओवन में 180–200 °C पर सुनहरी और कुरकुरी होने तक, आम तौर पर 25–35 मिनट, बेक करें।
फिलो आटा भरने से पहले कैसे पिघलाएं?
जमे हुए फिलो आटे को रात भर फ्रिज में पिघलाएं, फिर पैकेट खोलने से पहले थोड़ी देर कमरे के तापमान पर रखें। इसे माइक्रोवेव या गर्म पानी में न पिघलाएं; परतें चिपक सकती हैं और फट सकती हैं।
फिलो आटे को खोलने के बाद कैसे रखें?
काम के दौरान ढीली परतों को सूखने से बचाने के लिए नम कपड़े से ढकें। बची हुई परतें अच्छी तरह लपेटकर फ्रिज में रखें और जल्दी इस्तेमाल करें; लंबे समय के लिए पैक करके फ्रीज़र में रखें।
फिलो आटे से कौन-से मशहूर पकवान बनते हैं?
ग्रीक स्पैनाकोपिटा में पालक और फ़ेटा पनीर की भरावन पतली परतों में लपेटी जाती है; तुर्की बक्लावा में मेवे और चाशनी होती है। इससे नमकीन पाई, चीज़ रोल और कुरकुरी छोटी टोकरियाँ भी बनती हैं।
फिलो आटे की जगह पफ पेस्ट्री इस्तेमाल कर सकते हैं?
कर सकते हैं, लेकिन नतीजा अलग होगा: फिलो कई बेहद पतली परतों में कुरकुरा होता है, जबकि पफ पेस्ट्री मोटी और फूली हुई बनती है। पफ पेस्ट्री में प्रति 100 ग्राम 285 kcal के मुकाबले फिलो आटे में 285 kcal होते हैं।
फिलो आटा और पफ पेस्ट्री में क्या फर्क है?
फिलो की परतें बहुत पतली होती हैं और उन्हें अलग-अलग तेल या मक्खन लगाकर कुरकुरा किया जाता है; पफ पेस्ट्री में वसा की परतों से फुलाव आता है। पफ पेस्ट्री में प्रति 100 ग्राम 26.2 ग्राम वसा होती है, जबकि फिलो आटे में 1.9 ग्राम।
क्या फिलो आटा कच्चा खा सकते हैं?
नहीं, इसे भरकर या परतों में लगाकर अच्छी तरह बेक करें। कच्चे आटे में कच्चा गेहूं हो सकता है, और बेक करने से ही इसकी परतें कुरकुरी बनती हैं।
फिलो आटा इतनी जल्दी क्यों सूखकर टूटता है?
इसकी बहुत पतली परतें हवा में आते ही नमी खो देती हैं, इसलिए एक बार में केवल उतनी ही परत निकालें जितनी तुरंत इस्तेमाल करनी हैं। बाकी को नम कपड़े से ढकें; फटी परतें भी कई तहों में रखकर पाई या रोल में इस्तेमाल की जा सकती हैं।
स्रोत: mvt 10.132 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर