पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 120 kcal —
- प्रोटीन 25 g 49%
- कार्बोहाइड्रेट 0 g 0%
- वसा 2.3 g 3%
- संतृप्त वसा 0.4 g 2%
- फ़ाइबर 0 g 0%
- शर्करा 0 g —
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 120 | 25 g | 0 g | 2.3 g |
| 50 g | 50 g | 60 | 12 g | 0 g | 1.2 g |
| 150 g | 150 g | 180 | 37 g | 0 g | 3.5 g |
| 200 g | 200 g | 240 | 49 g | 0 g | 4.6 g |
| 250 g | 250 g | 300 | 61 g | 0 g | 5.8 g |
मछली के अंडे के बारे में सवाल
मछली के अंडे कैसे पकाएँ?
ताज़े अंडों को हल्के नमक के पानी में धीमी आँच पर लगभग 10–15 मिनट पकाएँ; तेज़ उबाल से उनकी झिल्ली फट सकती है। पकने पर बीच का हिस्सा अपारदर्शी और सख़्त हो जाता है।
मछली के अंडे तलने का सही तरीका क्या है?
अंडों को सुखाकर छोटे टुकड़ों में काटें, हल्का आटा लगाएँ और मध्यम आँच पर तेल में हर तरफ़ 3–4 मिनट सुनहरा होने तक तलें। नींबू और काली मिर्च के साथ परोसें।
मछली के अंडे ताज़े हैं, यह कैसे पहचानें?
उनमें समुद्र जैसी हल्की गंध होनी चाहिए, तेज़ या अमोनिया जैसी नहीं। अंडे नम और साबुत हों; चिपचिपे, फटे हुए या फीके पड़ चुके अंडे न लें।
मछली के अंडे फ्रिज में कितने दिन रख सकते हैं?
कच्चे अंडों को ढके हुए बर्तन में फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखें और एक-दो दिन के भीतर पकाएँ। पकाए हुए अंडे भी ढककर फ्रिज में रखें और तीन दिन के भीतर खा लें।
मछली के अंडों के साथ क्या अच्छा लगता है?
इन्हें नींबू, काली मिर्च और हरी जड़ी-बूटियों के साथ परोसें; टोस्ट, उबले आलू या सलाद के साथ भी अच्छे लगते हैं। कई तरह के रो को नमक लगाकर तैयार करके छोटी मात्रा में स्टार्टर की तरह खाया जाता है।
मछली के अंडे और सैल्मन रो में क्या अंतर है?
मछली के अंडों में 25 g प्रोटीन प्रति 100 g होता है, जबकि सैल्मन रो में 22.4 g। सैल्मन रो के अंडे आम तौर पर बड़े और नारंगी होते हैं; स्वाद और बनावट मछली की प्रजाति से बदलती है।
क्या मछली के अंडे कच्चे खा सकते हैं?
कच्चे तभी खाएँ जब वे खास तौर पर कच्चा खाने के लिए सुरक्षित तरीके से तैयार और ठंडे रखे गए हों। आम ताज़े अंडों को पूरी तरह पकाना अधिक सुरक्षित है; पकने पर भीतर का हिस्सा अपारदर्शी होना चाहिए।
मछली के अंडे किस चीज़ से बनते हैं?
ये मादा मछली के अंडाणु होते हैं, जिन्हें रो कहा जाता है। नमक लगाकर तैयार किए गए मछली के अंडों को कई जगह कैवियार कहा जाता है, हालांकि कैवियार नाम खास तौर पर स्टर्जन के अंडों के लिए भी इस्तेमाल होता है।
स्रोत: slv 1376 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर