पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 110 kcal —
- प्रोटीन 12 g 24%
- कार्बोहाइड्रेट 6 g 2%
- वसा 4.2 g 5%
- संतृप्त वसा 0.7 g 3%
- फ़ाइबर 0.5 g 2%
- शर्करा 1.1 g —
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 110 | 12 g | 6 g | 4.2 g |
| 50 g | 50 g | 55 | 5.9 g | 3 g | 2.1 g |
| 150 g | 150 g | 165 | 18 g | 9 g | 6.3 g |
| 200 g | 200 g | 220 | 24 g | 12 g | 8.4 g |
| 250 g | 250 g | 275 | 30 g | 15 g | 11 g |
फिश केक के बारे में सवाल
फिश केक को पैन में कुरकुरा कैसे तलें?
पैन में थोड़ा तेल गरम करें और फिश केक को मध्यम आँच पर हर तरफ़ 3–4 मिनट तलें, जब तक दोनों सतहें सुनहरी और बीच तक गरम न हो जाएँ। जमे हुए केक हों तो पैकेट पर दिए पकाने के निर्देश अपनाएँ।
घर पर फिश केक बनाने के लिए कौन-सी मछली लें?
कॉड, हैडॉक या किसी दूसरी सफ़ेद, कम काँटों वाली मछली का इस्तेमाल करें। मछली को पकाकर अच्छी तरह मसलें और उबले आलू, थोड़ा आटा या ब्रेडक्रम्ब मिलाएँ; मिश्रण इतना सख़्त हो कि टिकियाँ आकार में बन जाएँ।
फिश केक के साथ क्या परोसें?
इन्हें नींबू, टार्टर सॉस और हरी सलाद के साथ परोसें; मटर या उबली सब्ज़ियाँ भी अच्छी लगती हैं। ब्रिटिश शैली में फिश केक अक्सर मैश किए आलू और मछली के मिश्रण से बनता है।
बचे हुए फिश केक को कैसे रखें और दोबारा गरम करें?
पके हुए फिश केक को पकने के दो घंटे के भीतर ढककर फ्रिज में रखें और 3 दिनों के अंदर खा लें। दोबारा गरम करते समय पैन में धीमी-मध्यम आँच पर पलटते रहें, ताकि बीच तक भाप निकलने लगे और बाहर की परत जले नहीं।
फिश केक और फिश फिंगर्स में क्या फ़र्क है?
फिश केक आम तौर पर गोल टिकिया होता है और उसमें मछली के साथ आलू या ब्रेडक्रम्ब मिलाए जाते हैं; फिश फिंगर्स मछली की लंबी पट्टियाँ होती हैं जिन पर कुरकुरी परत चढ़ी होती है। फिश फिंगर्स में प्रति 100 ग्राम 110 kcal होते हैं, जबकि फिश केक में 110 kcal।
फिश केक की जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
सैंडविच या बर्गर में फिश केक की जगह फिश पैटी रखें; यह भी मछली का आकार देकर बनाया जाता है। हल्के विकल्प के लिए उबली या ग्रिल की हुई मछली को नींबू और मसालों के साथ परोसें।
क्या फिश केक कच्ची मछली से बनाया जाता है?
कई तैयार फिश केक पहले से पकाई हुई मछली से बनते हैं, लेकिन कुछ में कच्ची मछली हो सकती है। घर पर कच्ची मछली से बनाते समय टिकियों को अच्छी तरह पकाएँ—बीच का तापमान 63 °C तक पहुँचे और अंदर का हिस्सा अपारदर्शी हो जाए।
स्रोत: mvt 04.061 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर