पोषण संबंधी जानकारी
प्रति 100 g% दैनिक मान- कैलोरी 229 kcal —
- प्रोटीन 6.9 g 14%
- कार्बोहाइड्रेट 43 g 16%
- वसा 2.1 g 3%
- संतृप्त वसा 0.3 g 2%
- फ़ाइबर 3.5 g 13%
- शर्करा 1.2 g —
परोसने की मात्रा के अनुसार कैलोरी
| परोसने की मात्रा | वज़न | कैलोरी | प्रोटीन | कार्ब्स | वसा |
|---|---|---|---|---|---|
| 100 g | 100 g | 229 | 6.9 g | 43 g | 2.1 g |
| 50 g | 50 g | 115 | 3.5 g | 22 g | 1.1 g |
| 150 g | 150 g | 344 | 10 g | 65 g | 3.2 g |
| 200 g | 200 g | 458 | 14 g | 87 g | 4.2 g |
| 250 g | 250 g | 573 | 17 g | 108 g | 5.3 g |
चपाती के बारे में सवाल
चपाती का आटा नरम कैसे गूँधें और बेलने से पहले कितनी देर रखें?
गेहूँ के आटे में पानी थोड़ा-थोड़ा डालकर नरम, चिकना आटा गूँधें; वह हाथ से चिपकना नहीं चाहिए। ढककर 15–20 मिनट रखें, फिर बराबर लोइयाँ बनाकर हल्के सूखे आटे की मदद से बेलें।
चपाती तवे पर कितनी देर पकाएँ ताकि वह नरम रहे?
गरम तवे पर चपाती डालें; ऊपर छोटे बुलबुले दिखें तो पलटें और दूसरी तरफ़ हल्के भूरे धब्बे आने तक पकाएँ। फिर दोबारा पलटकर कपड़े या पलटे से किनारों पर हल्का दबाएँ, ताकि वह फूल जाए।
बची हुई चपाती को कैसे रखें और दोबारा नरम कैसे करें?
ठंडी चपातियों को ढक्कन वाले डिब्बे या थैली में रखकर फ़्रिज में रखें और 2–3 दिन में इस्तेमाल करें। दोबारा गरम करने के लिए तवे पर दोनों तरफ़ थोड़ी देर सेंकें; बहुत सूखी लगे तो गरम करने से पहले उस पर पानी की कुछ बूँदें छिड़कें।
चपाती को लंबे समय के लिए कैसे जमाएँ?
चपातियों को पूरी तरह ठंडा करें, उनके बीच बटर पेपर रखकर बंद फ़्रीज़र बैग में जमाएँ। खाने से पहले अलग-अलग चपाती निकालें और सीधे गरम तवे पर या पिघलने के बाद सेंकें।
चपाती के साथ कौन-सी सब्ज़ियाँ और दालें अच्छी लगती हैं?
दाल, राजमा और छोले के साथ चपाती रोज़मर्रा का भरपेट खाना बनती है; सूखी सब्ज़ियों में आलू-गोभी, भिंडी और पनीर की भुर्जी इसके साथ खूब जँचती हैं। चपाती को सब्ज़ी या दाल का रस सोखने के लिए तोड़कर भी खा सकते हैं।
चपाती और पराठे में क्या फ़र्क है?
चपाती आम तौर पर बिना तेल या घी के तवे पर पकती है, जबकि पराठे की परतों या सतह पर तेल या घी लगाया जाता है। इसलिए पराठा अधिक कुरकुरा और चिकना होता है; 100 ग्राम पराठे में 14.4 ग्राम वसा होती है, जबकि चपाती में 2.1 ग्राम।
क्या चपाती में गेहूँ होने की वजह से ग्लूटेन होता है?
हाँ। गेहूँ के आटे से बनी चपाती में ग्लूटेन होता है, इसलिए गेहूँ से एलर्जी या ग्लूटेन से बचने की ज़रूरत वाले व्यक्ति के लिए यह उपयुक्त नहीं है।
चपाती को फुलाने का आसान तरीका क्या है?
लोई को समान मोटाई में बेलें और तवा अच्छी तरह गरम रखें; बहुत मोटी या जगह-जगह पतली चपाती ठीक से नहीं फूलती। दूसरी तरफ़ हल्के भूरे धब्बे आने पर पलटकर किनारों को साफ़ कपड़े से दबाएँ।
स्रोत: ausnut F001380 · प्रति 100 g · EU लेबल के अनुसार कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर को छोड़कर